13 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

युद्ध के बीच भारत आया ईरान का युद्धपोत; 183 क्रू मेंबर थे सवार

तनाव के बीच ईरान का वॉरशिप भारत के कोच्चि पोर्ट पर पहुंच चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक इस जहाज पर 183 क्रू मेंबर सवार थे और फिलहाल उन्हें भारतीय नौसैनिक की देख-रेख में रखा गया है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Saurabh Mall

Mar 06, 2026

Iranian Warship IRIS Dena

भारत पहुंचा ईरानी वॉरशिप (इमेज सोर्स: शिव कपूर एक्स यूजर)

Iranian Warship IRIS Dena: भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ईरान का युद्धपोत IRIS Lavan कोच्चि बंदरगाह पर आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस जहाज पर 183 क्रू मेंबर सवार थे और फिलहाल उन्हें भारतीय नौसैनिक की देख-रेख में रखा गया है। AFP न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जहाज 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा था।

कब की है ये घटना?

यह घटना उस समय हुई जब यूएस नेवी ने हिंद महासागर में श्रीलंका के पास ईरान के एक और युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया था। रिपोर्ट के अनुसार यह जहाज अमेरिकी पनडुब्बी के टॉरपीडो हमले में डूब गया।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी ने मार्क-48 हैवीवेट टारपीडो से हमला किया, जो 1970 के दशक से अमेरिकी पनडुब्बियों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला प्रमुख एंटी-शिप हथियार है।

क्या होता है टारपीडो?

दरअसल, टॉरपीडो एक ऐसा ऑटोमेटिक हथियार होता है जिसे पानी के ऊपर या नीचे से दागा जा सकता है। यह पानी के अंदर जाकर अपने लक्ष्य को ढूंढता है और आमतौर पर दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें शक्तिशाली विस्फोटक भरा होता है, जो टारगेट से टकराते ही या उसके पास पहुंचते ही फट जाता है। जब टॉरपीडो किसी जहाज़ के नीचे जाकर फटता है, तो पानी के अंदर एक बहुत शक्तिशाली गैस का बुलबुला बनता है। इस धमाके से जहाज का निचला हिस्सा टूट सकता है और वह तेजी से डूब सकता है।

ईरानी युद्धपोत IRIS बुशहर श्रीलंका में हुआ डाक

वहीं एक और ईरानी जहाज IRIS Bushehr श्रीलंका के पास खड़ा था। जहाज में तकनीकी खराबी आने के बाद श्रीलंकाई नौसेना ने 200 से ज्यादा नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें कोलंबो के पास स्थित वेलिसारा नेवल बेस (Welisara Naval Base) ले जाया गया। फिलहाल जहाज को त्रिंकोमाली पोर्ट ले जाने की तैयारी की जा रही है।

ईरान ने हमले की कड़ी निंदा की

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अंतरराष्ट्रीय समुद्र में ईरानी जहाज पर बिना चेतावनी हमला किया।

अराघची ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ने ईरान के तट से करीब 2,000 मील दूर समुद्र में यह कार्रवाई की। उनके मुताबिक, भारतीय नौसेना का मेहमान ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena, जिस पर लगभग 130 नाविक सवार थे, उस पर अंतरराष्ट्रीय पानी में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम के लिए वॉशिंगटन को आगे चलकर पछताना पड़ सकता है।