पीओके में स्थानीय लोगों का लश्कर आतंकियों पर गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आतंकियों को जूते मारकर भगाया।
पाकिस्तान में आतंकवाद कितना ज़्यादा बढ़ चुका है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। देशभर में अक्सर ही आतंकी हमलों के मामले सामने आते रहते हैं। इतना ही नहीं, आतंकी संगठन तो बच्चों को छोटी उम्र से ही आतंकी बनाने के लिए अपने साथ ले जाते हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में भी ऐसा काफी देखा जाता है जब आतंकी संगठन, बच्चों को आतंकी बनने की ट्रेनिंग देने के लिए बहला-फुसला कर ले जाते हैं। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने ऐसा ही करना चाहा, लेकिन उनका दांव उल्टा पड़ गया।
पीओके के एक गांव में लश्कर के आतंकी, बच्चों को आतंकी बनाने की कोशिश कर रहे थे। जब स्थानीय लोगों को इस बारे में पता चला, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आतंकियों को सबक सिखाने का फैसला लिया।
बच्चों को आतंकी बनाने की कोशिश करने वाले कई आतंकियों को स्थानीय लोगों ने लातों-घूंसों से पीटा। इनमें लश्कर की शाखा जेकेयूएम का कमांडर रिजवान हनीफ भी है। लात घूंसों से पिटाई करने के बाद स्थानीय लोगों ने उन आतंकियों को जूते मारकर भगाया।
पीओके के एक नेता ने कहा है कि गांव के बुज़ुर्गों और युवाओं ने अब एक सार्वजनिक ‘जिरगा’ (पंचायत) बुलाने की योजना बनाई है। इस पंचायत में आतंकियों को किसी भी तरह के समर्थन और उनकी गतिविधियों पर बैन लगाया जाएगा।