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अंटार्कटिक महासागर में बनेगा विश्व का सबसे बड़ा समुद्री पार्क, वैज्ञानिकों ने बताया मील का पत्थर

अंटार्कटिक महासागर के 6,00,000 स्क्वायर मील क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री पार्क बनाया जाएगा।

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Santosh Trivedi

Oct 29, 2016

अंटार्कटिक महासागर के 6,00,000 स्क्वायर मील क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री पार्क बनाया जाएगा। यूरोपीय संघ और 24 देश शुक्रवार को इस पर सहमत हो गए। अंटार्कटिक समुद्री जीव संसाधनों के संरक्षण के लिए बने आयोग ने ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में हुई बैठक में कहा कि रॉस सागर समुद्री पार्क को 35 वर्षों के लिए मछली पकडऩे की व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बंद किया जाएगा।

रॉस सागर अंटार्कटिका के साथ लगा हुआ दक्षिण ध्रुवीय महासागर का एक सागर है। रॉस सागर को पारिस्थितिक रूप से विश्व के सबसे महत्वपूर्ण सागर के रूप में देखा जाता है। इस समुद्री पार्क में दक्षिणी सागर का 12 फीसदी से ज्यादा हिस्सा शामिल होगा, जो 10000 से ज्यादा प्रजातियों का घर हैं।

इसमें पेंगुइन, व्हेल, समुद्री पक्षी और अंटार्कटिक टूथ फिश शामिल हैं। रॉस सागर के 4,25,000 स्क्वायर मील क्षेत्र में मछली पकडऩे पर पूर्ण प्रतिबंध होगा, जबकि शोध के लिए नामित इलाकों में व्हेल के खाए जाने वाली छोटी मछलियों 'क्रिल' और आरा मछली को पकडऩे की अनुमति दी जाएगी।

वैज्ञानिकों और कार्यकर्ताओं ने समुद्री विविधता के संरक्षण के वैश्विक प्रयास में इस समझौते को मील का पत्थर बताया है। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा, इस समझौते से रॉस सागर क्षेत्र का सरंक्षण किया जाएगा जो समुद्री जैव विविधता और पेंगुइन, सील, व्हेल, समुद्री पक्षी और मछलियां जैसे संपन्न समुदाय का अद्वितीय घर है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस समुद्री पार्क से जलवायु परिवर्तन के असर को व्यापक स्तर पर समझने में भी मदद मिलेगी। पूर्व में पांच बार समुद्री पार्क के संरक्षण के प्रस्तावों को खारिज करने के बाद रूस भी इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया है। 25 सदस्यीय आयोग में रूस, चीन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल है।

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