
प्रतीकात्मक छवि
इस पूरी दुनिया में अपने देश से पलायन करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। विश्व में बढ़ती अस्थिरता इस बढ़ते पलायन का सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। सीरिया, इराक, लेबनान, बांग्लादेश, फिलिस्तीन, पाकिस्तान…ऐसे कई देश हैं जहां से लोग पलायन कर दूसरे देशों की तरफ बढ़ रहे हैं, क्योंकि ये देश युद्ध और गृहयुद्ध की विभीषिका से जूझ रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक क्योंकि ये मुस्लिम देश हैं, ऐसे में यहां से पलायन करने वाले बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। हाल ही में जारी हुई प्यू रिसर्च ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि सबसे ज्यादा पलायन किस धर्म के लोगों का हो रहा है, और ये लोग पलायन कर सबसे ज्यादा किस देश में जा रहे हैं।
प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा सीरिया से मुस्लिम समुदाय के लोग पलायन कर रहे हैं और ये लोग ज्यादातर सऊदी अरब जैसे मध्य पूर्व-उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र के देशों में रहने के लिए जा रहे हैं। इसके बाद लेबनान, पाकिस्तान, बांग्लादेश, इराक का नंबर आता है, जहां से मुस्लिम लोग अपना घर-बार सबकुछ छोड़कर सुरक्षित जिंदगा और दो जून की रोटी की तलाश में बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन चले जाते हैं और ये देश इन्हें शरण भी देते हैं।
इतनी बड़ी संख्या में पलायन का कारण कई प्रवासी धार्मिक उत्पीड़न से बचने या समान धार्मिक विश्वास रखने वाले लोगों के बीच रहने के लिए चले गए हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि ये प्रवासी उस धर्म को छोड़ देते हैं जिसके साथ वे बड़े हुए हैं और अपने नए मेजबान देश के बहुसंख्यक धर्म, किसी अन्य धर्म या किसी भी धर्म को नहीं अपनाते हैं।
प्यू रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवासी अक्सर उन देशों में जाते हैं जहां उनकी धार्मिक पहचान पहले लोग पहले ही प्रचलित हों। जैसे मुसलमान पलायन कर अरब देशों में जाते हैं। जबकि यहूदी इजरायल की तरफ आकर्षित होते हैं और ईसाइयों केे अलावा किसी धर्म को ना मानने वाले लोग अमेरिका रूस और जर्मनी में चले जाते हैं।
Updated on:
27 Aug 2024 03:34 pm
Published on:
27 Aug 2024 02:29 pm
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