
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के मुख्य सोलर ऐरे के पास काम करतीं नासा की अंतरिक्ष यात्री और एक्सपीडिशन 72 की फ्लाइट इंजीनियर ऐन मैक्लेन। स्पेसवॉक के दौरान उन्होंने स्टेशन के बिजली उत्पादन सिस्टम को अपग्रेड किया और संचार एंटीना को स्थानांतरित किया। (Credit: NASA)
नासा (NASA) ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर नए साल के पहले महीने में होने वाली दो स्पेसवॉक की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इन अभियानों का उद्देश्य स्टेशन की बिजली प्रणाली को मजबूत करना और इसके लंबे समय तक सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करना है। अब तक आईएसएस के निर्माण, रखरखाव और अपग्रेड के लिए 277 स्पेसवॉक की जा चुकी हैं। खुले अंतरिक्ष में की जाने वाली स्पेसवॉक को सबसे जोखिमभरे अंतरिक्ष अभियानों में गिना जाता है।
हवा के बिना वातावरण में जरा-सी चूक जानलेवा हो सकती है। अंतरिक्ष यात्रियों को भीषण तापमान उतार-चढ़ाव के बीच लगभग 130 किलो के बराबर वजन वाले स्पेससूट में काम करना पड़ता है। सख्त दस्तानों के कारण औजार पकड़ना और बोल्ट खोलना बहुत मुश्किल होता है। आम तौर पर 6 से 7 घंटे चलने वाली स्पेसवॉक के दौरान हर पल अत्यधिक एकाग्रता जरूरी होती है।
पहली स्पेसवॉक 8 जनवरी को होगी। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री माइक फिन्के और जेना कार्डमैन सोलर पावर अपग्रेड की तैयारियों के लिए स्टेशन से बाहर निकलेंगे। जेना कार्डमैन के लिए यह पहली स्पेसवॉक होगी, जबकि अनुभवी माइक फिन्के अपनी दसवीं स्पेसवॉक करेंगे। इसके साथ ही वे किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा सबसे अधिक स्पेसवॉक के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।
अंतरिक्ष में दूसरी चहलकदमी 15 जनवरी को हो सकती है। इसमें एचडी कैमरा बदलना, हार्मनी मॉड्यूल पर प्लानर रिफ्लेक्टर लगाना और स्टेशन के ट्रस हिस्सों में हार्डवेयर को स्थानांतरित करना शामिल है। इस मिशन में शामिल दो नासा अंतरिक्ष यात्रियों के नाम फिलहाल घोषित नहीं किए गए हैं।
Published on:
06 Jan 2026 02:27 am
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