नार्थ एप्टॉन की 30 वर्षीय महिला सैनिक हनाह कैम्पबेल वर्ष 2007 में इराक युद्ध में घायल हो गई थीं। घटना में उनकी बायी आंख की रोशनी चली गई थी, बायां पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था जिसे इलाज के दौरान डॉक्टरों को काटना पड़ा था।
बायां हाथ भी दो जगहों से टूट गया था। जबकि पेट में गोली लगने से गर्भ भी हमेंशा के लिए नष्ट हो गया। डॉक्टरों ने कहा था कि वह मां नही बन सकती हैं।
लेकिन सात साल बाद सरकार की तरफ से जब उन्हें हर्जाना मिला तो उन्होंने लगभग 53 लाख रूपए खर्च करके न केवल अपनी खोई सुंदरता वापस पायी बल्कि, चेहरे और ब्रेस्ट की सर्जरी भी कराई। फिलहाल अब वह दो बच्चों की मां भी हैं।
मोर्टार हमले में तबाह हो गई जिंदगी
हनाह वर्ष 2002 में ब्रिटिश सेना में भर्ती हुई थीं। वर्ष 2007 में चल रहें इराक युद्ध के दौरान उनकी ड्यूटी बसरा की एक बिल्डिंग की सुरक्षा में लगी थी। जब वह ड्यूटी पर तैनात थी तो मार्टार का एक गोल उनके बांए पैर के पास गिरा। जिसने उनकी जिंदगी तबाह कर दी।
घायल होने के बाद भी उनके पेट में गोली मारी गई थी जिसने गर्भ को नष्ट कर दिया था। उनके बचने की संभावना कम थी लेकिन फौरन मिले इलाज से उनकी जिंदगी बच गई। मगर पूरे चेहरे पर घाव के दाग और एक पैर हमेशा के लिए गंवा दिया। उनकी जिंदगी व्हील चेयर तक सीमित हो गई।
57 से 133 किग्रा तक वजन बढ़ा
घायल होने से पहले हनाह का वजन 57 किलो था लेकिन एक पैर खोने के बाद चलना फिरना न हो सका जिसके चलते उनका वजन बढ़कर 133 किलो हो गया था
3 करोड़ 77 लाख रूपए हर्जाना
रक्षा मंत्रालय की ओर से हनाह को हर्जाने के रूप में लगभग तीन करोड़ 77 लाख रूपए मिले थे। इन्ही रूपयों से 53 लाख रूपए खर्च कर हनाह और भी सुंदर हो गई।
दिमाग से नही लिया था फैसला
ऑपरेशन पर इतनी ज्यादा धनराशि खर्च करने के बारे में हनाह का कहना है कि पैसा सबसे अच्छी जगह खर्च हुअा है। लेकिन यह दिमाग से लिया गया फैसला नही था।