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दिवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तान के सामने आइएमएफ ने कर्ज के लिए चार नई शर्तें रख दी हैं। इन शर्तों का क्रियान्वयन होने के बाद ही स्टॉफ स्तरीय समझौता की बात कही है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने आइएमएफ की नई मांगों को 1998 की तर्ज पर पाकिस्तान की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने का सोचा-समझा प्रयास कहा है। परमाणु परीक्षण के बाद 1998 में भी आइएमएफ ने कर्ज के लिए पाकिस्तान सामने 24 शर्तें रख दी थीं और बमुश्किल पाकिस्तान डिफॉल्ट होने से बचा था। आइएमएफ की इन नई शर्तों से बौखलाए पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि सदस्य देश पाकिस्तान के साथ भिखारी जैसा बर्ताव किया जा रहा है। नई शर्तों पर अधिकारियों का कहना है गरीबों की मदद के नाम पर आइएमएफ जिस तरह की नई शर्तें थोप रहा है उससे देश में गरीबों की मुश्किलें बढ़ेंगी।
आइएमएफ ने रखी हैं चार नई शर्तें
1. आइएमएफ जो शर्त पाकिस्तान को सबसे अधिक नगवार गुजर रही है, वो है 3.82 रुपए का बिजली सरचार्ज स्थाई रूप से लगाई जाने की मांग। पाकिस्तान इस सरचार्ज को कुछ समय के लिए लगाने के लिए तैयार है, लेकिन स्वंतत्र न्यायपालिका और संप्रभु संसद वाले लोकतांत्रिक देश के रूप में पाकिस्तान को ये सरचार्ज हमेशा के लिए लगा देने की मांग गले नहीं उतर रही है। साथ ही देश की गरीब जनता पर ये बोझ डालना भी शरीफ सरकार के लिए सियासी रूप से आत्मघाती कदम लग रहा है।
2. आइएफएफ की दूसरी शर्त पाक मुद्रा के विनिमय मूल्य को बाजार से जोड़ने की है। पाक को डर है कि ऐसा करने से पाक मुद्रा में भारी गिरावट आ जाएगी।
3. आइएमएफ की तीसरी शर्त ब्याज दरों में 150 से 250 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी की है।
4. साथ ही आइएमएफ ने कहा है कि पाकिस्तान को अपने दि्वपक्षीय साझीदार देशों जैसे चीन, सऊदी अरब और यूएई से लिखित आश्वासन लेना होगा कि वे बाहरी मोर्चे पर उसके 7 अरब डॉलर के वित्तीय कमी की भरपाई करेंगे। पाकिस्तान को इस शर्त पर भी आपत्तियां हैं। पाकिस्तान इस वित्तीय कमी की गणना भी 7 की बजाए 5 अरब डॉलर कर रहा है और पाक को लिखित आश्वासन की शर्त भी काफी मुश्किल लग रही है।
जवानों को नहीं मिल पा रही दो वक्त की रोटी
बढ़ती महंगाई से पाकिस्तानी सेना भी अछूती नहीं है। इसके कारण सैनिकों की मेस में राशन की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। समुचित खाद्य आपूर्ति का मुद्दा सेना प्रमुख जनरस आसिम मुनीर के समक्ष भी उठाया जा चुका है। सेना के फील्ड कमांडरों ने कहा है कि कटौती के चलते सेना अब अपने जवानों को ठीक से दो वक्त भोजन कराने की स्थिति में भी नहीं है।
शियाओं के प्रति बढ़ी हिंसा
ईरान और भारत के बाद दुनिया की सबसे अधिक शिया आबादी वाले देश पाकिस्तान में अब शिया समुदाय खुद को असुरक्षित पा रहा है।
हयूमन राइट वॉच की रिपोर्ट में 2013 में ही ये रेखांकित किया गया था कि शिया विरोधी समूह ने पाकिस्तान की सेना के साथ गठबंधन कर लिया है। अब बाल्टीमोर पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद संकटग्रस्त पाकिस्तान के शिया समुदाय को ये डर सता रहा है कि पाकिस्तान में वे अब पहले कहीं अधिक असुरक्षित हो गए हैं।
पाक रुपया और शेयर बाजार धड़ाम
आइएमएफ की तरफ से नई शर्तों की खबर के बाद बुधवार को पाकिस्तानी रुपए में 4.6 रुपए (1.76 फीसदी) की बढ़ी गिरावट आ गई और पाकिस्तान रुपए डॉलर के समक्ष 266.22 रुपए तक गिर गया। वहीं पाकिस्तानी शेयर बाजार में भी बुधवार को 480.65 अंकों (1.19 फीसदी) की गिरावट दर्ज की गई।
Updated on:
02 Mar 2023 09:17 am
Published on:
01 Mar 2023 09:48 pm
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