
अफगानिस्तान की पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक (X)
Afghanistan-Pakistan Conflict: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में अफगानिस्तान की सेना ने डूरंड लाइन पार करते हुए खोस्त-खुर्रम बॉर्डर के पास पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। इस कार्रवाई को सैन्य विशेषज्ञ सर्जिकल स्ट्राइक के तौर पर देख रहे हैं, जिसने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
अफगान सेना ने खुर्रम इलाके में स्थित पाकिस्तानी सेना के कई अड्डों को निशाना बनाया। इस दौरान एक सैन्य वाहन को भी आग के हवाले कर दिया गया। हमले की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई अन्य सैन्य ठिकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगान सेना ने इस ऑपरेशन में आर्टिलरी और टैंकों का व्यापक इस्तेमाल किया। सीमा पर देर रात तक भारी गोलाबारी जारी रही, जिससे पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, रात करीब 12:30 बजे तक इस कार्रवाई में पाकिस्तान के कम से कम 3 सैनिकों की मौत हो चुकी थी, जबकि 12 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
इससे पहले 3 मार्च को अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए थे। अफगान सरकार का कहना था कि पाकिस्तानी सेना ने कुनार प्रांत के असदाबाद के बाहरी इलाकों में गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हुए थे। घायलों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की थी।
दोनों देशों के बीच तनाव की शुरुआत फरवरी में हुई थी, जब पाकिस्तान ने अफगान सीमा के पास हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी सीमा पार कार्रवाई की थी, जिसके बाद से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव के पीछे मुख्य वजह आतंकवाद और सीमा सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं हैं। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद तालिबान सरकार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे उग्रवादी संगठनों को शरण दे रही है, जो पाकिस्तान में घुसकर हमले करते हैं। हालांकि, अफगान तालिबान इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता है। उनका कहना है कि वे किसी भी आतंकी संगठन को अपनी जमीन पर पनाह नहीं देते और टीटीपी पाकिस्तान का आंतरिक मामला है।
लगातार बढ़ते सैन्य टकराव और आरोप-प्रत्यारोप ने दोनों देशों के रिश्तों को बेहद नाजुक स्थिति में पहुंचा दिया है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो यह तनाव पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
Published on:
03 Apr 2026 09:27 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
