
यूं तो अक्सर खबर आती है कि पाकिस्तान के आतंकी हमारी सीमा में घुस आए है या हमारे नागरिकों को उसने बंधक बना लिया है। लेकिन मंगलवार को जब ये खबर आई कि इसी पाकिस्तान ने भारत के एक नागरिक को अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया है तो लोग चौंक गए। दरअसल, पाकिस्तान ने दाऊदी बोहरा समुदाय के धार्मिक नेता सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन को हेल्थ, एजुकेशन और पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यह सम्मान दिया।
बता दें कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने किसी भारतीय को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया हो इससे पहले उसने मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और भारत के चौथे प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई को भी ये सम्मान दे चुका है।
कौन हैं डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ?
डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने 2014 से ग्लोबल दाऊदी बोहरा मुस्लिम समुदाय के प्रमुख हैं। वह सैफी बुरहानी अपलिफ्ट प्रोजेक्ट, टर्निंग द टाइड, प्रोजेक्ट राइज, एफएमबी कम्युनिटी किचन जैसे ग्लोबल प्रोग्राम की देखरेख करते हैं। इनमें से अधिकतर प्रोग्राम भुखमरी मिटाने, भोजन की बर्बादी में कमी, पर्यावरण की रक्षा जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं। इसके अलावा वो 14 मार्च 2023 से पांच साल की अवधि के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी का नया चांसलर हैं।
दुनिया के 500 सबसे प्रभावशाली मुसलमानों की सूची में शामिल
उनको को 500 सबसे प्रभावशाली मुसलमानों की सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा, उन्हें कई पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनके योगदान के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक प्रशस्ति पत्र पढ़ा गया है। उन्हें कई देशों में सम्मानित राज्य अतिथि के रूप में रिसीव किया जाता है।
क्यों मिला ये सम्मान
सैयदना सैफुद्दीन के कार्यालय ने बताया कि उन्हें हेल्थ, एजुकेशन और पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। इसके अलावा दुनिया में शांति को बढ़ावा देने के लिए भी उन्हें पुरस्कृत किया गया है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने सैयदना की तारीफ की और कहा कि उन्होंने पाकिस्तान में कई अलग-अलग प्रयास किए हैं। इससे देश के सामाजिक आर्थिक विकास को गति मिली है। इसके अलावा यह सम्मान उन नेताओं को भी मिलता है जिन्होंने जिन्होंने वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है और असाधारण प्रतिभा दिखाई हो।
चौथे भारतीय जिन्हें मिला ये सम्मान
बता दें कि सैयदना सैफुद्दीन ऐसे चौथे भारतीय हैं। जिन्हें पाकिस्तान ने यह सम्मान दिया है। इससे पहले यह सम्मान 1990 में पू्र्व पीएम मोरारजी देसाई, 1998 में ऐक्टर दिलीप कुमार और 2020 में कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को दे चुका है । 2020 में गिलानी को सम्मान देने पर भारत ने सवाल भी उठाया था। गिलानी ने कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा दिया था और कई आतंकियों का भी बचाव किया था। ऐसे में उन्हें सम्मान देने पर सवाल उठे थे।
पाकिस्तान यह सम्मान मलयेशिया के पीएम महातिर मोहम्मद और कतर के अमीर तमीम बिन हमाद अल थानी को भी यह सम्मान दे चुका है। मंगलवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने सैयदना को सम्मानित किया। इस दौरान सिंध के गवर्नर कामरान तेसोरी और विदेश मंत्री जलील अब्बास जिलानी भी मौजूद थे।
नवंबर में ही पाकिस्तान पहुंच गए थे सैयदना
सैयदना 20 नवंबर को पाक सरकार और दाऊदी बोहरा समुदाय के आमंत्रण पर पाकिस्तान पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में सैयदना सैफुद्दीन स्कूल ऑफ लॉ का भी उद्घाटन किया। पाकिस्तान में बोहरा समुदाय की भी थोड़ी आबादी है और खासतौर पर कराची में ही है। कराची में बोहरा समुदाय का एक संस्थान भी है।
Published on:
06 Dec 2023 11:19 am
