भारत और पाकिस्तान के बीच शुरु हुई वार्ता से पाकिस्तानी मीडिया काफी खुश नजर आ रही है। उन्होने अपनी इस खुशी की झलकियां जहां एक तरफ अखबरोें में दी। वही दूसरी तरफ उन्होने अपने ही देश के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर शंका जताई तो वही भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा।
पाकिस्तानी अखबार 'द डॉन' ने लिखा है कि अगर भारतीय पीएम मोदी चाहें तो यकीनन पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधार लेंगे, लेकिन नवाज शरीफ के बारे में ऐसा कह पाना मुश्किल है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पाकिस्तान की आर्मी।
'द डॉन' ने संपादकीय में लिखा गया है कि , 'बड़ा सवाल ये है कि क्या पाकिस्तान और भारत इतिहास को पीछे छोड़ते हुए रिश्ते सुधार पाएंगे? दोनों देशों के खराब रिश्तों के बीच कई बार ऐसे मौके आए, जब स्थितियां ठीक होती हुई नजर आई लेकिन हर बार उम्मीदों पर पानी फिर गया। और इस विफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण दोनो देशों की लीडरशिप है।'
'द डॉन' ने आगे लिखा, 'आज की बात करें तो कहा जा सकता है कि अगर पीएम मोदी ठान लें तो वह ऐसा कर सकते हैं, लेकिन नवाज शरीफ पाकिस्तानी आर्मी के सामने विवश हैं। लेकिन अगर सेना उनकी मदद करे तो वो कुछ भी करने में सक्षम है।'
हाल ही में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज 'हार्ट ऑफ एशिया' समिट में हिस्सा लेने पाकिस्तान गईं थीं। उनके इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए सहमति बनी। 2008 के मुंबई हमलों के बाद से दोनों देशों के बीच वार्ता बंद पड़ी है। भारत-पाक के संयुक्त बयान में दोनों देश आतंकवाद और कश्मीर जैसे मुद्दों पर बातचीत के लिए राजी हुए हैं।
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने लिखा, 'बातचीत का फैसला आसान है, लेकिन सच्चाई ये है कि बातचीत को नतीजे तक ले जाना मुश्किल काम है। जिन मुद्दों पर बातचीत होनी है, उनमें कोई भी ऐसा नहीं है जो आसान हो। यह भी ध्यान रखना होगा कि अब तक दोनों देश एक भी मसले का हल नहीं निकाल पाए हैं, क्योंकि बंटवारे के बाद से ही विवाद चले आ रहे हैं।