
Jaish-e-Mohammed terrorists
पाकिस्तान (Pakistan) के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) और खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की पार्टनरशिप का एक बार फिर से खुलासा हुआ है। फ्रांस की एक पत्रिका ने हाल ही में एक रिपोर्ट पब्लिश की है, जिसने आईएसआई की पोल खोल दी है। पढ़कर मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि कैसे? इस रिपोर्ट के अनुसार आईएसआई पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को सेना की तरह ट्रेनिंग देती है। जैश-ए-मोहम्मद धर्म की शिक्षा की आड़ में आतंकी तैयार करता है।
जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में रहकर भारत के खिलाफ साजिश रचता है। इस काम में आईएसआई भी आतंकी संगठन की मदद करता है।
फ्रेंच पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार आतंकवाद से लडऩे के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बावजूद पाकिस्तान की आतंकियों को शरण देने में बड़ी भूमिका है। रिपोर्ट के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के बहावलपुर इलाके में मरकज सुभान अल्लाह और उस्मान-ओ-अली मस्जिद नाम के दो केंद्र हैं। ये केंद्र कथित रूप से धार्मिक शिक्षा के लिए संचालित किए जाते हैं। इन केंद्रों में छात्रावास, खेल मैदान, अध्ययन केंद्र और करीब 50 कमरों सहित कई सुविधाएं मौजूद हैं। हालांकि इन केंद्रों में धर्म की शिक्षा के नाम पर आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार इनमें से एक केंद्र पाकिस्तानी सैन्य अड्डे से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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रिपोर्ट के अनुसार मसूद अजहर का भतीजा मुहम्मद अताउल्लाह मरकज सुभान अल्लाह मस्जिद का चीफ है। इस केंद्र में 600 से 700 सदस्यों को कट्टरपंथी धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आतंकी बनने के लिए सेना की तरह ट्रेनिंग भी जाती है। इसके लिए 40 से 50 ट्रेनर्स भी मौजूद हैं। रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद और आईएसआई के संबंधों को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है।
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Updated on:
22 Dec 2024, 3:25 PM IST
Published on:
22 Dec 2024, 3:25 PM IST
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