
France Elections
France Elections: फ्रांस में रविवार को दूसरे दौर के मतदान में चार दशकों में सबसे अधिक 67 फीसदी वोट पड़े। मतदान के बाद जारी पहले अधिकारिक अनुमान के अनुसार अंतिम राउंड के चुनाव में वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट को सबसे अधिक करीब 192 सीटें मिलने का अनुमान है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) का सेंट्रिस्ट गठबंधन दूसरे स्थान पर रहा। पहले राउंड के चुनावों में सबसे आगे रहे दक्षिणपंथी दल (नेशनल रैली) तीसरे स्थान पर रह सकती है। जबकि पहले राउंड के चुनाव में दक्षिणपंथी आगे रहे थे और उनकी सरकार बनने की संभावना बताई गई थी। उलटफेर का कारण दक्षिणपंथियों को रोकने के लिए हुए गठबंधनों को माना जा रहा है। फ्रांस में संसद की 577 सीटें हैं। पहले राउंड में उन 76 सीटों का फैसला हो चुका है कि जहां एक उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिले और कुल मतदान 25 फीसदी से अधिक था।
फ्रांस में त्रिशंकु संसद बनने के बाद गठबंधन सरकार के प्रयास में हॉर्स ट्रेडिंग का दौर चल सकता है। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार न्यू पॉपुलर और राष्ट्रपति मैक्रों की रिनेसां/टुगेदर पार्टी मिलकर सरकार बना सकती है। इस समझौते में समय लगा सकता है, लेकिन मैक्रों ने राहत की सांस ली है।
फ्रांस के चुनाव (France Elections) में प्रवासी सबसे बड़ा मुद्दा रहे। सर्वेक्षणों में कहा गया है कि 2023 में फ्रांस में नस्लीय हमलों में 33 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। सर्वेक्षणों में शामिल 56 फीसदी लोगों ने कहा कि देश में बहुत अधिक अप्रवासी हैं। जबकि 2022 में ऐसा कहने वाले मात्र 7 फीसदी ही थे।
इमैनुएल मैक्रों के होम टाउन ले टॉक्वेट में, जहां फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट ने रविवार को मतदान किया, वहां भी दक्षिणपंथी नेशनल रैली के उम्मीदवार को करीब 43 फीसदी वोट मिले। जबकि मैक्रों की रिनेसां पार्टी का उम्मीदवार 30.66% वोट ही हासिल कर सका।
Updated on:
08 Jul 2024 11:45 am
Published on:
08 Jul 2024 11:38 am
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