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France Elections: फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी सत्ता से बेदखल! अब पुतिन समर्थक दक्षिणपंथी दल की बन सकती है सरकार

France Elections: फ्रांस में रिकॉर्ड 65 फीसदी मतदान हुआ है, जो कि 2022 के चुनावों में हुए 47.5 फीसदी मतदान से करीब 22 फीसदी ज्यादा है। मतदान बढ़ने का कारण वोटरों के बीच इन चुनावों में बढ़ा हुआ ध्रुवीकरण माना जा रहा है।

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Emmanuel Macron

Emmanuel Macron(Photo-Twitter)

France Elections: फ्रांस में बीते दिन हुए चुनाव के पहले चरण के मतदान के नतीजों ने हर किसी को हैरान कर दिया है। क्योंकि नतीजों में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) सत्ता से बेदखल होते दिखाई दे रहे हैं। उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर खिसक आई है। जबकि दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली (National Rally) सबसे ऊपर पहुंच गई है। यानी अब फ्रांस में नेशनल रैली की सरकार बन सकती है। फ्रांस में रिकॉर्ड 65 फीसदी मतदान हुआ है, जो कि 2022 के चुनावों में हुए 47.5 फीसदी मतदान से करीब 22 फीसदी ज्यादा है। मतदान बढ़ने का कारण वोटरों के बीच इन चुनावों में बढ़ा हुआ ध्रुवीकरण माना जा रहा है। मध्यावधि चुनाव की घोषणा करने के बाद बहुमत की आस लगाए बैठे राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के लिए इन चुनावों को परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा था, जिसमें उनका तगड़ा झटका लगा है। मैक्रों की पार्टी तीसरे नंबर पर खिसक गई है। माना जा रहा है कि, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फ्रांस में पहली बार दक्षिणपंथी सरकार बनना तय है, जिसके यूरोपीय यूनियन से लेकर नाटो तक दूरगामी परिणाम होंगे।

France Election में इन दलों को मिले वोट

फ्रांस में संसदीय चुनाव के पहले चरण के चुनाव परिणाम के अनुसार दक्षिणपंथी दल नेशनल रैली को 34 फीसदी, वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट को 28.1 फीसदी और मैक्रों (Emmanuel Macron) की मध्यमार्गी पार्टी रिनेसां को मात्र 20.3 फीसदी वोट मिले हैं। कंजर्वेटिव पार्टी को 10 फीसदी वोट मिले हैं। वोट प्रतिशत के अनुसार, 7 जुलाई को अंतिम परिणामों के बाद नेशनल रैली को संसद में 230 से 280 सीटें, वामपंथी गठबंधन को 125 से 165 सीटें और मैक्रों की पार्टी को 70 से सीटें मिलने का अनुमान है। फ्रांस की 577 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए किसी दल या गठबंधन को 289 सीटें जीतना जरूरी है।

पुतिन की समर्थक है नेशनल रैली पार्टी

चुनाव से पहले दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली के नेताओं के बयान चर्चा में बने हुए हैं। पुतिन (Vladimir Putin) की समर्थक कही जाने वालीं पार्टी की शीर्ष नेता मरीन ली पेन ने कहा है कि सरकार बनने पर वे यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के मसले पर मैक्रों के पर कतरेंगी। वहीं पार्टी के पीएम उम्मीदवार, जॉर्डन बार्डेला ने कहा है कि वह यूक्रेन को 'रूसी साम्राज्यवाद' से बचाएंगे और रूस को चिढ़ाएंगे भी नहीं।

7 जुलाई को दूसरे चरण के चुनाव

गौरतलब है कि, फ्रांस में संसद के चुनाव दो चरणों में चुनाव होते हैं। 30 जून के बाद 7 जुलाई को अंतिम चुनाव हैं। रविवार को हुए चुनाव स्क्रीनिंग जैसे होते हैं। जिसके बाद 12.5 फीसदी से अधिक वोट पाने वाले सभी उम्मीदवारों के बीच 7 जुलाई को अंतिम मतदान होगा

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