15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व मानवतावादी दिवस: मानव सेवा के लिए समर्पित महान लोगों के अमर विचार

यह मानवीयता को याद करने और विश्व भर के उन हजारों मानवीय सहायता कर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने संकट और घोर निराशा के बीच जरूरतमंद लोगों को जीवनरक्षक मदद मुहैया कराने के लिए अपनी जिंदगी जोखिम में डाली।

2 min read
Google source verification
world humanitarian day

विश्व मानवतावादी दिवस: मानव सेवा के लिए समर्पित महान लोगों के अमर विचार

नई दिल्ली। विश्व मानवतावादी दिवस हर साल 19 अगस्त को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा वर्ष 2008 में यह दिवस मनाए जाने की शुरूआत की थी। इसका उद्देश्य यह था कि इसके जरिये उन मानवीय कर्मियों को उचित सम्मान दिया जा सके जिन्होंने मानव मात्र की सेवा में अपना पूरा जीवन लगा दिया है। यह दिन मानवता के ऐसे सेवकों को समर्पित है, जिन्होंने मानवता की सेवा करते हुए अपनी जान की भी परवाह नहीं की।

19 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है

यह दिवस 19 अगस्त को इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इस दिन वर्ष 2003 को बगदाद में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय पर बमबारी हुई थी। इस बमबारी में इराक में संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष दूत सर्जियो विएरा डी मेल्लो समेत 22 अन्य मानवतावादी कर्मी मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र इस दिन को मानवता की सेवा करते हुए बलिदान हो जाने वाले लोगों की साहसिक कार्यों को याद रखने के दिन के रूप में घोषित किया है। यह मानवीयता को याद करने और विश्व भर के उन हजारों मानवीय सहायता कर्मियों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन्होंने संकट और घोर निराशा के बीच जरूरतमंद लोगों को जीवनरक्षक मदद मुहैया कराने के लिए अपनी जिंदगी जोखिम में डाली।

महान मानवतावादी व्यक्तियों के विचार

महात्मा गांधी- बड़ी चीजों की तलाश मत करो, बड़े प्रेम के साथ छोटी चीजें करो |

महात्मा गांधी- आपको मानवता में विश्वास खोना नहीं चाहिए। मानवता एक महासागर है। यदि महासागर की कुछ बूंदें गंदी हैं, तो भी महासागर गंदा नहीं होता है।

मदर टेरेसा- यदि आप सौ लोगों को नहीं खिला सकते हैं, तो केवल एक खिलाओ।

प्रिंसेस डायना- हर किसी को मूल्यवान होने की जरूरत है। हर किसी के पास कुछ वापस देने की क्षमता है।

मार्टिन लूथर किंग- मानवीय उद्धरण जीवन का सबसे निरंतर और तत्काल प्रश्न है। आप दूसरों के लिए क्या कर रहे हैं', यही जीवन का सबसे अहम प्रश्न है।

नेल्सन मंडेला- आजादी के लिए केवल किसी चेन को तोडना नहीं है। बल्कि ऐसे तरीकों से जीना है जो दूसरों की आजादी का सम्मान करे और बढ़ाये।

रिचर्ड डॉकिन्स- आइए, उदारता और परोपकार को सीखने की कोशिश करें क्योंकि हम सभी स्वार्थी पैदा हुए हैं।

जे.के. राउलिंग- हमें दुनिया को बदलने के लिए जादू की आवश्यकता नहीं है। हम बस मानव की सेवा करके ऐसा आसानी से कर सकते हैं।

मार्टिन लूथर किंग- यह प्यार और स्नेह है जो हमारी दुनिया और हमारी सभ्यता को बचाएगा।

दलाई लामा- मेरा सच्चा धर्म दयालुता है।

ऑड्रे हेपबर्न- जब तक दुनिया अस्तित्व में है, अन्याय और अत्याचार होते रहेंगे। जो लोग सक्षम और समर्थ हैं, उनकी जिम्मेदारी अधिक है कि वो लोग अपने से निर्बल लोगों को भी स्नेह दें।

रोरी स्टीवर्ट- सवाल यह नहीं होना चाहिए कि हमें क्या करना चाहिए, लेकिन हम क्या कर सकते हैं।