
ईरान से जल्द लौटेंगे फंसे हुए भारतीय
Iran Crisis: ईरान में जारी व्यापक सरकार-विरोधी प्रदर्शनों, हजारों मौतों और अमेरिकी सैन्य धमकी के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान की तैयारी कर ली है। विदेश मंत्रालय (MEA) के सूत्रों के अनुसार, कल (16 जनवरी) से पहले बैच के भारतीय नागरिकों को विशेष उड़ान से तेहरान से दिल्ली लाया जाएगा।
ईरान में अनुमानित 10,000 से ज्यादा भारतीय (ज्यादातर छात्र, व्यापारी, तीर्थयात्री और पर्यटक) मौजूद हैं। दिसंबर 2025 के अंत में रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से शुरू हुए प्रदर्शन अब पूरे 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 18 दिनों में 3,400 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। ईरानी सरकार ने इंटरनेट और संचार पर सख्त रोक लगाई है, जिससे संपर्क बेहद मुश्किल हो गया है।
भारतीय दूतावास तेहरान ने 14 जनवरी को नया एडवाइजरी जारी किया, जिसमें सभी भारतीयों (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और पर्यटक) को उपलब्ध किसी भी माध्यम (वाणिज्यिक उड़ानें सहित) से तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है। दूतावास ने कहा, "सुरक्षा के मद्देनजर अत्यधिक सतर्क रहें, प्रदर्शन क्षेत्रों से दूर रहें, दूतावास से संपर्क बनाए रखें और यात्रा/पहचान दस्तावेज तैयार रखें।" इंटरनेट बंदी के कारण पंजीकरण में दिक्कत आ रही है, इसलिए भारत में परिवार सदस्य MEA के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
MEA ने स्पष्ट किया कि जो भारतीय वापस लौटना चाहते हैं, उनकी सहायता की जाएगी। पहले बैच में छात्रों को प्राथमिकता दी जा रही है। दूतावास ने फिजिकल रूप से संपर्क कर छात्रों से इच्छा पूछी है, क्योंकि फोन और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। ईरानी हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद होने के बाद अब खुल गया है, जिससे वाणिज्यिक उड़ानें संभव हो पाई हैं।
राजनीतिक स्तर पर भी हलचल है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से एक फंसी छात्रा की निकासी के लिए अपील की है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी से कश्मीरी छात्रों की तत्काल निकासी की मांग की। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एस जयशंकर से फोन पर स्थिति पर चर्चा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और परमाणु विमानवाहक पोत की तैनाती से क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। भारत ने किसी भी सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखते हुए अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।
Updated on:
15 Jan 2026 07:33 pm
Published on:
15 Jan 2026 07:33 pm
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