
नई दिल्ली में एयर इंडिया की फ्लाइट के इंजन ने रनवे पर कार्गो कंटेनर को अपनी ओर खींचा। (फोटो: स्क्रीन शॉट)
Airspace Closure: नई दिल्ली से न्यूयॉर्क (JFK) के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI-101 (Airbus A350) के साथ आज जो हुआ, वह किसी हॉरर फिल्म से कम नहीं था। 15 जनवरी 2026 की तड़के सुबह, इस विमान को दोहरी मार झेलनी पड़ी। पहले ईरान के हवाई क्षेत्र (Airspace Closure) के अचानक बंद होने से विमान को बीच रास्ते से लौटना पड़ा, और फिर दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद टैक्सीइंग के दौरान विमान के इंजन ने रनवे पर पड़े एक भारी कार्गो कंटेनर को अपनी ओर खींच लिया।
यह विमान 300 से ज्यादा यात्रियों को लेकर न्यूयॉर्क के लिए निकला था। लेकिन ईरान में बढ़ते तनाव के कारण वहां का आसमान बंद कर दिया गया, जिससे पायलट को अहमदाबाद के पास से ही 'U-Turn' लेना पड़ा। असली ड्रामा तब शुरू हुआ, जब विमान दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कर चुका था और पार्किंग की ओर बढ़ रहा था। घने कोहरे (Dense Fog) के बीच, एयरबस A350 के शक्तिशाली इंजन ने पास में ही गिरे एक कंटेनर को 'सक्शन' (Suction) के जरिये निगल लिया।
शुरुआती जांच और DGCA की रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा एक बड़ी लापरवाही का नतीजा है:
लापरवाह ग्राउंड हैंडलिंग: एक कार्गो ट्रॉली से कंटेनर फिसल कर टैक्सीवे पर गिर गया था। घने कोहरे के कारण पायलट को वह दिखाई नहीं दिया।
इंजन का खिंचाव: जैसे ही विमान वहां से गुजरा, A350 के हाई-पावर इंजन ने लोहे के कंटेनर को अंदर खींच लिया।
भारी नुकसान: इंजन के ब्लेड्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और विमान को फिलहाल 'ग्राउंडेड' (Grounded) कर दिया गया है।
एयर इंडिया ने आधिकारिक बयान में कहा है कि सभी 300+ यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों को विमान से उतारकर टर्मिनल पर लाया गया और उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों (Alternative Flights) या रिफंड की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, ईरान संकट के कारण एयर इंडिया की अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है और कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, विमान जब रनवे की ओर बढ़ रहा था, तभी पास में रखा एक सामान ढोने वाला कंटेनर (Uld) इंजन की शक्तिशाली हवा के खिंचाव (Suction) की चपेट में आ गया।
हादसे से कंटेनर सीधे इंजन के ब्लेड से जा टकराया, जिससे विमान के इंजन को गंभीर क्षति पहुँची है।
गनीमत है कि यह हादसा विमान के उड़ान भरने से पहले हुआ। अगर हवा में ऐसा कुछ होता, तो परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते थे। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें दूसरे विमान से भेजने की व्यवस्था की गई।
पिछले कुछ महीनों में एयर इंडिया के साथ तकनीकी खराबी और परिचालन संबंधित समस्याओं की घटनाएं बढ़ी हैं।
ईरान के एयरस्पेस बंद होने से यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों का समय और ईंधन खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
एयरपोर्ट पर कंटेनर का इंजन में फंसना सुरक्षा प्रोटोकॉल और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
हवाई अड्डे पर 'फॉरेन ऑब्जेक्ट डैमेज' (FOD) को रोकने के लिए कड़े नियम होते हैं। रनवे और टैक्सीवे के पास किसी भी लावारिस वस्तु का होना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। एयर इंडिया के इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड ऑपरेशंस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
इस हादसे का एक आर्थिक पहलू भी है। एक बोइंग 777 विमान के इंजन की मरम्मत में करोड़ों रुपये का खर्च आता है। इसके अलावा, ईरान के रास्ते बंद होने से उड़ानों के देरी से चलने के कारण एयरलाइन को भारी मुआवजा और अतिरिक्त ईंधन का बोझ सहना पड़ रहा है, जो टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के लिए एक बड़ा वित्तीय झटका है।
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Updated on:
15 Jan 2026 08:25 pm
Published on:
15 Jan 2026 08:24 pm
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