
Ramesh Singh Arora
पाकिस्तान (Pakistan) की नई सरकार का गठन होने के साथ-साथ कई बातें ऐसी हो रही हैं, जो पाकिस्तान में पहली बार हुई हैं। इन्हीं में से एक है पाकिस्तान में पहली बार किसी सिख समुदाय के (First Sikh minister in pakistan) व्यक्ति का मंत्री बनना, वो समुदाय पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों में गिना जाता है। और पाकिस्तान में अल्पसंख्य़कों की हालत क्या है, ये पूरी दुनिया जानती है। ऐसे में सिख समुदाय से किसी शख्स का पाकिस्तान की कैबिनेट में मंत्री होना अपने-आप में एक बहुत बड़ी बात हो जाती है।
कौन है रमेश अरोड़ा?
पाकिस्तान कैबिनेट में जिस शख्स ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनका नाम रमेश सिंह अरोड़ा (Ramesh Singh Arora) है। वो पंजाब की प्रांतीय असेंबली से 3 बार के सदस्य रह चुके हैं। अरोड़ा पाकिस्तान की नरेवाल विधानसभा सीट से विधायक हैं। नरेवाल सीट उस क्षेत्र में आती है, जहां गुरु नानक सिंह का आखिरी विश्राम पवित्र स्थल करतापुर साहिब (Kartarpur Sahib) है। जिसके लिए भारत ने अपने नागरिकों के लिए करतारपुर साहिब कॉरिडोर (Kartarpur Sahib Corridor) की भी सुविधा दी है।
आजादी के बाद पहली बार ऐसा मौका
रमेश अरोड़ा (Ramesh Singh Arora) को पाकिस्तान की सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख के रूप में भी चुना जा चुका है। 48 साल के रमेश सिंह अरोड़ा कहते हैं कि पूरे पाकिस्तान में ऐसा पहली बार हुआ है कि 1947 की आजादी के बाद से यहां कोई अल्पसंख्यक समुदाय का मंत्री बना है। मैं भले ही एक कौम से ताल्लुक रखता हूं लेकिन मैं पाकिस्तान के हर अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काम करूंगा।
Published on:
07 Mar 2024 09:15 am
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