14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईरान में बड़ा उलटफेर! रज़ा पहलवी ने किया सत्ता संभालने का ऐलान, जानें क्या है उनका भविष्य का प्लान ?

Reza Pahlavi: ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत (Ali Khamenei Death) के बाद राजनीतिक हलचल और सत्ता का संघर्ष तेज हो गया है। हालांकि अभी सुप्रीम लीडर की कमान मुजतबा अली खामेनेई (Mujtaba Ali Khamenei) के पास है, मगर डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर भारी इनाम रख दिया है। इसी बीच, ईरान के अंतिम […]

2 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

Mar 14, 2026

Crown Prince Reza Pahlavi of Iran

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी व अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप। (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Reza Pahlavi: ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत (Ali Khamenei Death) के बाद राजनीतिक हलचल और सत्ता का संघर्ष तेज हो गया है। हालांकि अभी सुप्रीम लीडर की कमान मुजतबा अली खामेनेई (Mujtaba Ali Khamenei) के पास है, मगर डोनाल्ड ट्रंप ने उन पर भारी इनाम रख दिया है। इसी बीच, ईरान के अंतिम शाह के बेटे और निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ( Reza Pahlavi) ने एक बड़ा बयान देकर पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह ईरान की बागडोर ( Iran Democracy) संभालने और एक नए संक्रमण काल (Transition) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनका मुख्य लक्ष्य ईरान में दशकों से चले आ रहे कट्टरपंथी तनाव को खत्म करके शांति, लोकतंत्र और खुशहाली की नई नींव रखना है। यह खबर पूरे मध्य पूर्व (Middle East) की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का प्रबल संकेत दे रही है।

निर्वासित ईरानियों ने इस कदम का जोरदार स्वागत किया ( Iran Transition)

रज़ा पहलवी के इस बड़े ऐलान के बाद वैश्विक स्तर पर और ईरान के अंदर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विदेशों में रह रहे निर्वासित ईरानियों और मानवाधिकार समर्थकों ने इस कदम का जोरदार स्वागत किया है। उन्हें उम्मीद है कि पहलवी के नेतृत्व में देश फिर से एक सामान्य, सुरक्षित और प्रगतिशील राष्ट्र बन सकेगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के विशेषज्ञ भी इसे ईरान के भविष्य के लिए एक बड़ा अवसर मान रहे हैं। हालांकि, ईरान के मौजूदा सत्ताधारी गुट और कट्टरपंथी इस बयान को अपने वजूद के लिए सीधा खतरा मान रहे हैं, जिससे अंदरूनी टकराव की आशंका भी बढ़ गई है।

आने वाले कुछ दिनों में यह तस्वीर साफ हो जाएगी (IRGC)

इस अहम घटनाक्रम के बाद अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईरान के अंदर मौजूद शक्तिशाली रिवोल्युशनरी गार्ड्स (IRGC) का अगला कदम क्या होगा। पहलवी ने अपने बयान में अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी विशेष अपील की है कि वे इस नई शुरुआत में उनका साथ दें। आने वाले कुछ दिनों में यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश रज़ा पहलवी की इस संक्रमणकालीन (Transitional) योजना को कितना खुला समर्थन देते हैं। कूटनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि पहलवी का यह कदम ईरान की जनता को एक नई उम्मीद दे सकता है।

वे केवल एक 'ट्रांजिशनल लीडर' की भूमिका निभाएंगे ( Transitional Leader)

इस पूरी सियासत का एक सबसे दिलचस्प और अहम पहलू यह है कि रज़ा पहलवी खुद को सत्ता का लोभी, अगला राजा या राष्ट्रपति घोषित नहीं कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि वे केवल एक 'ट्रांजिशनल लीडर' की भूमिका निभाएंगे। उनका एकमात्र मकसद देश में शांतिपूर्ण माहौल बनाकर निष्पक्ष चुनाव करवाना है, ताकि ईरान की आम जनता खुद अपना भविष्य और अपनी पसंद का नेता चुन सके। यह रणनीतिक और उदारवादी कदम उन्हें एक तानाशाह के बजाय एक सच्चे लोकतांत्रिक मार्गदर्शक के रूप में दुनिया के सामने पेश करता है।