18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चीन जाते हुए रूसी तेल टैंकर ने लिया यू-टर्न, अब तेजी से बढ़ रहा भारत की तरफ

रूस से चीन जा रहे कई ऑयल टैंकरों ने रास्ता बदलकर भारत की ओर रुख किया है। भारत द्वारा बढ़ी खरीद, यूएस मंजूरी और मिडिल ईस्ट संकट ने वैश्विक तेल बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Himadri Joshi

Mar 18, 2026

russian ship

रूसी जहाज ( फोटो- MilitaryNewsUA एक्स पोस्ट)

वैश्विक ऊर्जा बाजार (Global Energy Market) में पिछले कुछ समय से अस्थिरता बनी हुई है, खासकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी पृष्ठभूमि में कई देश वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रहे हैं। इसी बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां रूस से चीन जा रहा एक तेल टैंकर अचानक रास्ता बदलकर भारत की ओर बढ़ गया। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने रूसी तेल आयात को तेजी से बढ़ाना शुरू किया है।

भारत ने एक हफ्ते में 30 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीद

भारत ने हाल ही में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस से तेल आयात में तेजी लाई है। रिपोर्ट के अनुसार, एक हफ्ते के भीतर भारतीय रिफाइनरियों ने करीब 30 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीद लिया। यह कदम ईरान में जारी संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट सप्लाई में आई कमी को पूरा करने के लिए उठाया गया। यूएस की मंजूरी के बाद भारत को अस्थायी रूप से रूसी तेल खरीद बढ़ाने की छूट मिली, जिससे बाजार में तुरंत हलचल देखी गई। इसी के बाद एक्वा टाइटन नामक रूसी टैंकर, जो पहले चीन के रिझाओ पोर्ट की ओर जा रहा था, उसने साउथ चाइना सी में यू-टर्न लेकर भारत का रुख कर लिया।

सात टैंकरों ने ऐसे ही बीच में रास्ता बदला

यह टैंकर अब न्यू मंगलोर पोर्ट पहुंचने वाला है, जहां यह 21 मार्च को अपनी डिलीवरी देगा। यह बदलाव सिर्फ एक शिपमेंट तक सीमित नहीं है। आंकड़ों के मुताबिक, कम से कम सात टैंकर ऐसे हैं जिन्होंने बीच रास्ते में चीन की बजाय भारत को अपना नया गंतव्य बना लिया। इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि वैश्विक तेल व्यापार में तेजी से बदलाव हो रहा है। पहले जहां चीन रूस का सबसे बड़ा खरीदार बन गया था, अब भारत की वापसी से समीकरण बदलते दिख रहे हैं। साथ ही, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी अब फिर से रूसी तेल खरीदने के लिए तैयार हो रहे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

जौजौ एन टैंकर भी भारत की ओर मुड़ा

इसी क्रम में जौजौ एन नामक एक और टैंकर, जो कजाखस्तान का सीपीसी ब्लेंड क्रूड लेकर चल रहा है, उसने भी अपना रास्ता बदल लिया है। यह टैंकर पहले चीन के पास पहुंच चुका था, लेकिन मार्च की शुरुआत में उसने यू-टर्न लेकर भारत के सिका पोर्ट की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। इस तरह के लगातार बदलाव यह दिखाते हैं कि बाजार अब अधिक लचीला और मौके के अनुसार दिशा बदलने वाला हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में कीमतों पर भी इसका असर पड़ेगा और तेल महंगा हो सकता है।