
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फोटो - आईएएनएस)
अमेरिकी टैरिफ के दबाव के बावजूद भारत के रूस के साथ तेल व्यापार जारी रखने के फैसले का रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जोरदार समर्थन किया है। पुतिन ने वाल्डाई डिस्कशन क्लब की बैठक में बात करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री पीएम मोदी की तारीफ की और जमकर अमेरिका पर निशाना साधा। यह बैठक रूस के दक्षिण में स्थित काला सागर के तट पर बसे सोची शहर में आयोजित की गई थी। इसमें भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञ शामिल हुए थे।
बैठक में अपने भाषण के दौरान पुतिन ने कहा कि भारत ऐसे दबावों के आगे कभी नहीं झुकेगा और न ही किसी के सामने खुद को अपमानित होने देगा। पुतिन ने दोनों देशों के बीच के मजबूत रिश्तों की सराहना करते हुए अपने दोस्त, पीएम मोदी को एक संतुलित और बुद्धिमान नेता बताया। साथ ही पुतिन ने यह भी दावा किया कि रूस भारत को इस फैसले से होने वाले नुकसान से उभरने में मदद करेगा। पुतिन दिसंबर की शुरुआत में भारत आने वाले है और उन्होंने कहा कि वह इस यात्रा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने खास दोस्त और रूस के भरोसेमंद साथी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए बहुत उत्सुक हैं।
रूस से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का आयात बंद करने को लेकर अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है। इसी कड़ी में ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ भी लगाया गया है जिसके चलते अमेरिकी बाजारों में भारतीय उत्पादों की कीमत काफी अधिक बढ़ गई है। कीमत बढ़ने के चलते इन उत्पादों की खरीद कम हो गई है और इसके चलते भारत को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी को लेकर पुतिन ने भारत और भारतीय प्रधानमंत्री की सराहना की है। साथ ही पुतिन ने यह भी दावा किया है कि भारत और रूस के बीच कच्चे तेल का व्यापार पूरी तरह से आर्थिक फ़ैसला है और इसमें कोई राजनीति नहीं है।
पुतिन ने कहा, अगर भारत रूसी तेल का आयात बंद करता है, तो उसे अनुमानित 9-10 अरब डॉलर तक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। लेकिन अगर वह यह आयात जारी रखता है तो उसे प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा और इससे भी बराबर ही नुकसान होगा। ऐसे में आयात बंद क्यों करना क्योंकि ऐसा करने से देश के अंदर भी राजनीतिक समस्याएं हो सकती हैं।
पुतिन ने कहा कि, उन्हें विश्वास है कि भारत बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, निश्चित रूप से, भारत जैसे देश के लोग अपने नेताओं के फैसलों पर हमेशा कड़ी नज़र रखेंगे और वे कभी भी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि उनके देश को किसी के सामने नीचा या अपमानित होना पड़े। पुतिन ने आगे कहा, और फिर मैं प्रधानमंत्री मोदी को जानता हूं वह खुद भी ऐसा कोई कदम कभी नहीं उठाएंगे।
पुतिन ने कहा, रूस और भारत के बीच कभी भी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा और दोनों देशों के बीच हमेशा सौहार्दपूर्ण रिश्तें रहे है। दोनों देश एक दूसरे की भावनाओं और महत्वपूर्ण हितों का ध्यान में रखते हुए अपने फैसले लेते है। पुतिन ने आगे कहा, अमेरिकी टैरिफ से जो नुकसान भारत को हुआ है, उसकी भरपाई रूस से तेल खरीदने से ही हो जाएगी और साथ ही भारत को एक संप्रभु और प्रतिष्ठित देश के रूप में पहचान भी मिलेगी। साथ ही पुतिन ने वादा किया कि रूस, भारत के नुकसान को कम करने के लिए वहां से ज्यादा से ज्यादा कृषि उत्पाद और दवाइयां आयात करेगा।
Updated on:
3 Oct 2025, 11:50 AM IST
Published on:
3 Oct 2025, 11:26 AM IST
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