
डोनाल्ड ट्रंप। (Photo - Washington Post)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब ईरान को खुली चेतावनी दे डाली है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि ईरान के हालात पर बहुत करीब से नजर रखी जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका दखल देगा और उस देश पर ऐसी जगह हमला करेगा जहां उसे सबसे ज्यादा दर्द होगा।
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में टॉप तेल और गैस अधिकारियों के साथ एक मीटिंग के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं। जब उनसे ईरान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा- ईरान बड़ी मुसीबत में है।
उन्होंने आगे कहा- मुझे लगता है कि लोग कुछ शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो सकता है। हम हालात पर बहुत ध्यान से नजर रख रहे हैं। मैंने बहुत मजबूती से यह बयान दिया है कि अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम दखल देंगे।
ट्रंप ने कहा- हम उन पर ऐसा जोरदार हमला करेंगे जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा और इसका मतलब जमीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि इसका मतलब है कि उन्हें ऐसी जगह मारना जहां उन्हें सबसे अधिक तकलीफ हो, इसलिए हम नहीं चाहते कि ऐसा हो।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा- जो ईरान में हो रहा है, वह काफी अविश्वसनीय है। यह देखने में एक अद्भुत चीज है। उन्होंने बहुत बुरा काम किया है, उन्होंने अपने लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है और अब उन्हें इसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है, तो, देखते हैं क्या होता है।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के बारे में कहा- मुझे बस उम्मीद है कि ईरान में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे क्योंकि यह अभी बहुत खतरनाक जगह है और मैं फिर से ईरानी नेताओं से कहता हूं कि बेहतर होगा कि आप गोली चलाना शुरू न करें क्योंकि हम भी गोली चलाना शुरू कर देंगे।
उधर, पॉलिसी रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार ईरान में विरोध प्रदर्शन की गतिविधियां 7 जनवरी से दर और पैमाने दोनों में तेजी से बढ़ी हैं।
एक्सपर्ट्स ने कहा कि सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें कम से कम एक प्रांत में विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ग्राउंड फोर्सेज का इस्तेमाल करने जैसा दुर्लभ कदम भी शामिल है।
इससे पहले 9 जनवरी को, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने ईरान में बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमेरिकी प्रशासन का हाथ होने का आरोप लगाया था।
खामेनेई ने कहा कि प्रदर्शनकारी अमेरिका के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए काम कर रहे थे। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका काम तबाही मचाना है। तेहरान और अन्य जगहों पर कुछ बदमाशों ने आकर अपने ही देश की एक बिल्डिंग को तोड़ दिया है।
अयातुल्ला ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर तानाशाह जैसा बर्ताव करने का भी आरोप लगाया और कहा कि तानाशाहों को उनके घमंड के चरम पर ही हटा दिया जाता है।
उन्होंने कहा- हमारा देश विदेशियों के लिए भाड़े के टट्टू बनना बर्दाश्त नहीं करता। तुम चाहे जो भी हो, एक बार जब तुम किसी विदेशी के लिए भाड़े के टट्टू बन जाते हो, एक बार जब तुम किसी विदेशी के लिए काम करते हो, तो देश तुम्हें ठुकरा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि जहां तक उस आदमी (ट्रंप) की बात है जो वहां घमंड और अकड़ के साथ बैठा है, पूरी दुनिया पर फैसला सुना रहा है, उसे भी पता होना चाहिए कि आमतौर पर दुनिया के तानाशाह और घमंडी ताकतें जैसे फिरौन, निमरूद, रजा खान, मोहम्मद रजा और उनके जैसे लोग ठीक उसी समय हटा दिए गए जब वे अपने घमंड के चरम पर थे। इसे भी हटा दिया जाएगा।
Published on:
10 Jan 2026 08:15 am
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