Sardar Bhagat Singh : स्वतंत्रता संग्राम के नायक भगत सिंह की फांसी की सजा पर 92 साल बाद पाकिस्तान में एक बार फिर से हंगामा मचा हुआ है। लाहौर हाईकोर्ट ने शनिवार को भगत सिह की 1931 में हुई फांसी की सजा के मामले को फिर से खोलने वाली एक याचिका पर आपत्ति जताई है।
Sardar Bhagat Singh : स्वतंत्रता संग्राम के नायक भगत सिंह की फांसी की सजा पर 92 साल बाद पाकिस्तान में एक बार फिर से हंगामा मचा हुआ है। लाहौर हाईकोर्ट ने शनिवार को भगत सिह की 1931 में हुई फांसी की सजा के मामले को फिर से खोलने वाली एक याचिका पर आपत्ति जताई है। याचिका में समीक्षा के सिद्धांतों का पालन करते हुए सिंह की सजा को रद्द करने का अनुरोध किया गया। इसके अलावा भगत सिंह को मरणोपरांत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का भी अनुरोध किया गया। बता दें कि स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के साथ 19 मार्च 1931 को फांसी दे दी गई थी। याचिका में कुरैशी ने बताया कि हत्या की प्राथमिकी में भगत सिंह का नाम नहीं था। भगत सिंह का मामला देख रहे विशेष न्यायाधीशों ने मामले में 450 गवाहों को सुने बिना ही उन्हें मौत की सजा सुना दी थी।
कोर्ट ने याचिका पर जताई आपत्ति
याचिकाकर्ता वकील और भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने इस मामले में मीडिया से बातचीत की है। राशिद कुरैशी ने बताया कि लाहौर हाई कोर्ट ने शनिवार को भगत सिंह मामले को फिर से खोलने और इसकी शीघ्र सुनवाई के लिए एक वृह्द पीठ के गठन पर सवाल उठाए है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका वृह्द पीठ द्वारा सुनवाई योग्य नहीं माना।
जानिए याचिकाकर्ता ने क्या अपील की
भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने कहा कि वरिष्ठ वकीलों की एक समिति की यह याचिका एक दशक से हाईकोर्ट में लंबित है। न्यायमूर्ति शुजात अली खान ने 2013 में एक वृह्द पीठ के गठन के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा था। तभी यह मामला लंबित चल रहा है। याचिका में कहा गया है कि भगत सिंह ने उपमहाद्वीप की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। भगत सिंह का उपमहाद्वीप में न केवल सिखों और हिंदुओं बल्कि मुसलमानों द्वारा भी सम्मान किया जाता है।
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जिन्ना ने भगत सिंह के बारे में क्या कहा था
इस याचिका में भगत सिंह को मरणोपरांत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का भी अनुरोध किया। याचिका में इस बात का भी जिक्र है कि पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना ने भगत सिंह के बारे में क्या कहा था। जिन्ना ने सेंट्रल असेंबली में अपने भाषण के दौरान दो बार आजादी की लड़ाई में उनके विशेष योगदान का उल्लेख करते हुए भगत सिंह को श्रद्धांजलि दी थी।
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