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सऊदी अरब भी जंग में कूदा! इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर किए हवाई हमले

Saudi Arabia ने अमेरिकी सहयोग से इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हमले की पुष्टि की। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई।
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Saudi military strikes Iran-backed militia targets in Iraq.

सऊदी अरब द्वारा किया गया हमला। (Screen Grab- X/@RyanRozbiani)

Saudi Arabia confirms strikes: सऊदी अरब ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के साथ मिलकर ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर हमले किए हैं। ये कार्रवाई सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमलों के बाद की गई। इस संबंध में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने सोमवार और मंगलवार को जारी दो बयानों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने पूर्वी प्रांत और रियाद क्षेत्र में स्थित तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर भेजे गए ड्रोन को मार गिराया था। मंत्रालय का दावा है कि ये ड्रोन हमले इराक की जमीन से ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए गए थे।

अल-मालिकी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद-51 और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के तहत उन मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया गया, जो इराक में मौजूद हैं। ये संगठन सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की घटनाओं से जुड़े हुए हैं। सऊदी अरब रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उसने चेतावनी दी कि उस पर होने वाले किसी भी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा।

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका और सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने कई आतंकी लॉजिस्टिक और हथियार ठिकानों पर हमला किया। यह कार्रवाई 72 घंटे के भीतर IRGC के निर्देश पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई। CENTCOM ने चेतावनी दी कि IRGC और उससे जुड़े समूह तुरंत अपनी आक्रामक गतिविधियां बंद करें, अन्यथा अमेरिका आगे भी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ईरान का सऊदी तेल प्रतिष्ठानों पर हमले से इनकार

ईरान ने सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए ड्रोन हमलों से किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB से बातचीत में एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने कहा कि तेहरान का सऊदी अरब में दूसरे देशों से किए गए ड्रोन या मिसाइल हमलों से कोई लेना-देना नहीं है।

अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी हितों के खिलाफ होने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उनके अनुसार, ऐसे आरोप क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों और वास्तविक हालात की सही समझ के अभाव को दर्शाते हैं।

ईरान की यह प्रतिक्रिया सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के उन आरोपों के बाद आई है, जिनमें कहा गया था कि पूर्वी प्रांत स्थित तेल प्रतिष्ठानों पर हाल में हुए ड्रोन हमले इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया ने किए थे।