सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि होटल के मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर नहीं लगाए गए थे। असली सुरक्षा जांच तो उस हिस्से में थी जहां कार्यक्रम चल रहा था। यानी बाहरी घेरा अपेक्षाकृत कमजोर था। एक वॉलंटियर, हेलेन मैबस, ने जो बताया वो और भी हैरान करने वाला है। उनके मुताबिक, हमलावर होटल के एक ऐसे हिस्से में गया जहां कोई निगरानी नहीं थी। वहां उसने अपने हथियार को तैयार किया। उन्होंने बताया कि उसने बैग से एक लंबा हथियार निकाला, जो आम बंदूक जैसा नहीं लग रहा था, और फिर उसे जोड़कर सीढ़ियों की तरफ बढ़ गया।