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विरोध का प्रतीक बनी 20 वर्षीय हदीस नफाजी को पुलिस ने मारी 6 गोलियां, कर्नाटक से ईरान तक महिलाओं की गैरत का सवाल बना हिजाब

ईरान में हिजाब के खिलाफ विरोध का ऑनलाइन सिंबल बनी 20 साल की लड़की को वहां की पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया है। बताया जाता है कि हदीस नफाजी को तेहरान के नजदीक कराज सिटी में प्रदर्शन के दौरान छह गोलियां मारी गईं। इस तरह खुलेआम बाल खोलने वाली लड़की पर ईरान पुलिस की क्रूरता अब ईरान में महिलाओं आजादी का प्रतीक बन चुकी है और पूरी दुनिया में हदीस नफाजी #HadisNajafi भी #MahsaAmini के साथ ट्रेंड कर रहा है। वहीं भारत में महिलाएं हिजाब पहनने के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हैं।

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ईरान में हिजाब पर सवाल और उस पर बवाल का दौर जारी है। हिजाब के खिलाफ विरोध का ऑनलाइन सिंबल बनी 20 साल की लड़की हदीस नजाफी को ईरान की पुलिस ने मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि हदीस नफाजी को तेहरान के नजदीक कराज सिटी में प्रदर्शन के दौरान गोली मारी गई...सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके वीडियो में कहा जा रहा है कि उसे छह गोलियां मारी गईं। भूरे बालों वाली हदीस का एक वीडियो खूब वायरल हुआ था। इसमें वह एक प्रदर्शन के दौरान बिना हिजाब के पुलिसकर्मियों के सामने पहुंच गई थीं। इसके बाद वह रबर बैंड से अपने बालों को बांध रही थीं।


सोशल मीडिया पर हुई थी वायरल
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ईरान में हिजाब न पहनने के चलते माशा अमीनी को पीटा गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद से ही ईरान में हिजाब के खिलाफ महिलाएं बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान नफाजी अपने खुले बालों के साथ पुलिस के सामने पहुंच गई थीं। उनकी यह वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो गई थी। इसके बाद से ही वह हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन की ऑनलाइन सिंबल बन गई थी।

हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन
बता दें कि ईरान में सभी महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है, चाहे वह किसी भी धर्म की हों। हिजाब भी इस तरह से पहनना जरूरी है कि उनका एक भी बाल नहीं दिखे। इसके चलते ही ईरान की पुलिस वहां पर महिलाओं के खिलाफ सख्ती कर रही है। पुलिस की सख्ती के चलते अमीनी को अपनी जान गंवानी पड़ी, अमीनी की गलती यही थी कि उन्होंने अपना हिजाब ठीक से नहीं पहन रखा था। अमीनी की गिरफ्तारी और फिर मौत के बाद जहां पूरे ईरान में हिजाब के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ईरान की सड़कों पर विरोध कर रहे हैं। इसमें महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा है। वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया में भी उसकी किरकिरी भी हो रही है।


अब तक कई लोगों की मौत
इस बीच शनिवार को सरकारी मीडिया में राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का एक बयान जारी हुआ है। इसमें उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ निर्णायक तरीके से कार्रवाई होगी। वहीं ईरान में हिजाब के खिलाफ के प्रदर्शनों को बहुत ही क्रूरतापूर्वक कुचला जा रहा है। यहां तक कि प्रदर्शनकारियों के ऊपर पुलिस गोली बरसाने से भी बाज नहीं आ रही है। एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक 21 सितंबर की रात को ही तीन बच्चों समेत 21 लो मार गए। वहीं ईरान के सरकारी टीवी के मुताबिक इस दौरान अब तक कुल 41 से अधिक लोगों की इन विरोध प्रदर्शनों की मौत हो चुकी है।

भारत में उल्टी गंगा

वहीं भारत में हिजाब को लेकर एक अलग ही मामला चल रहा है। कर्नाटक में पिछले साल एक कॉलेज में मैनेजमेंट ने मुसलमान लड़कियों को हिजाब पहन कर क्लासरूम में दाख़िल होने से मना कर दिया था। छह लड़कियों ने इस फ़ैसले का विरोध किया और बिना हिजाब के कक्षा में जाने से मना कर दिया। उन्होंने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया लेकिन उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली।

मामला आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अब सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और सभी पक्ष फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं। गौर करने की बात ये है कि ईरान में महिलाओं के जबरन हिजाब के ख़िलाफ़ प्रदर्शन को भारत में ज़ोरदार समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इस बारे में ख़ूब चर्चा कर रहे हैं। इसमें सबसे ख़ास बात यह है कि भारत में दक्षिणपंथी से लेकर वामपंथी तक, सभी ईरान में महिलाओं के इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। वहीं इन्हीं में से कुछ लोग भारत में मुस्लिम महिलाओं को स्कूलों और कॉलेजों में भी हिजाब पहनकर जाने का समर्थन कर रहे हैं।