
दुनियाभर में भूकंप के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और इनमें किसी तरह की कोई कमी नहीं हो रही है। दुनियाभर में हर दिन अलग-अलग जगहों पर एक से ज़्यादा भूकंप आते हैं। कई जगहों पर तो अक्सर ही भूकंप आते हैं जिनमें वानूआतू (Vanuatu) भी शामिल है। आज, सोमवार, 22 जुलाई को वानूआतू में एक ही दिन में अब तक 6 भूकंप आ चुके हैं और अभी और भी भूकंप आने की संभावना है। वानूआतू में आज आए इन सभी भूकंपों की पुष्टि यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (United States Geological Survey – USGS) ने भी की।
वानूआतू में आज दूसरा भूकंप लुगानविल (Luganville) से 108 किलोमीटर ईस्ट में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.7 रही। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर आया।
वानूआतू में आज तीसरा भूकंप लुगानविल से 100 किलोमीटर ईस्ट में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 रही। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर आया।
वानूआतू में आज चौथा भूकंप नॉर्सप (Norsup) से 98 किलोमीटर नॉर्थईस्ट में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी 5.2 तीव्रता रही। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 10 बजकर 34 मिनट पर आया।
वानूआतू में आज पांचवां भूकंप नॉर्सप से 90 किलोमीटर नॉर्थईस्ट में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.0 रही। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 10 बजकर 34 मिनट पर ही आया।
वानूआतू में आज छठा भूकंप नॉर्सप से 89 किलोमीटर नॉर्थईस्ट में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.0 रही। भारतीय समयानुसार यह भूकंप सुबह 11 बजकर 38 मिनट पर आया।
कितनी रही भूकंपों की गहराई?
वानूआतू में आज आए पहले भूकंप की गहराई 258.2 किलोमीटर, दूसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर, तीसरे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर, चौथे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर, पांचवें भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर और छठे भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर रही।
धरती कांपी, डरे लोग
वानूआतू में आज आए 6 भूकंपों से धरती कांप उठी और लोग डर गए। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही आसपास के इलाकों में भी लोगों को झटके महसूस हुए। डर के मारे कई लोग तो अपने घरों से बाहर निकल भागे। हालांकि इन भूकंपों की वजह से जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
गंभीर विषय है भूकंप के मामलों का बढ़ना
दुनियाभर में भूकंप के मामलों में इजाफा हो रहा है। कुछ भूकंपों से किसी तरह का नुकसान नहीं होता है, पर पिछले कुछ महीनों में कुछ ऐसे भी भूंकप देखने को मिले हैं जिनसे भारी तबाही मची है। पिछले साल तुर्की (Turkey), सीरिया (Syria), मोरक्को (Morocco), अफगानिस्तान (Afghanistan), नेपाल (Nepal) और चीन (China) में आए भूकंप ने भी तबाही मचाई थी। इसी साल 1 जनवरी को जापान (Japan) में आए भूकंप ने भी तबाही मचाई थी। 3 अप्रैल को ताइवान (Taiwan) में आए भूकंप ने भी कुछ तबाही मचाई थी। हालांकि सभी भूकंप तबाही नहीं मचाते, पर भूकंप के मामलों का बढ़ना गंभीर विषय है।
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Updated on:
22 Jul 2024 12:28 pm
Published on:
22 Jul 2024 12:28 pm
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