
पाक पूर्व पीएम इमरान खान और पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर। (फोटो- ANI)
पाकिस्तान लंबे समय से विदेशों में रह रहे असंतुष्ट पाकिस्तानियों को डरा-धमकाकर चुप कराता रहा है। ताजा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2022 में जनरल आसिम मुनीर के आर्मी की कमान संभालने के बाद विदेशों में रह रहे पाकिस्तानियों को टॉर्चर करने के मामले बढ़ गए हैं।
ग्रीक सिटी टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई एनालिस्ट और ग्लोबल जानकारों का कहना है कि मुनीर ने खुद इस खतरनाक तरीके को अपनाया है और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े लोगों को खुले तौर पर चुप रहने की चेतावनी दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मुनीर विदेशों में पाकिस्तानी नागरिकों पर निगरानी और हिंसा को सही ठहराते हैं। रिपोर्ट में खुलकर बताया गया है कि पाकिस्तान की मिलिट्री पश्चिमी देशों में अपने विरोधी नागरिकों के खिलाफ एक गंदा दमनकारी अभियान चला रही है।
अभियान के तहत पाकिस्तानी सरकार की आलोचना करने वालों को विदेश में उनके घरों में ढूंढा जाता है, धमकाया जाता है, हमला किया जाता है और डराया जाता है,। जबकि पाकिस्तान के अंदर भी उनके परिवारों को परेशान किया जाता है।
रिपोर्ट में में आगे कहा गया है- पाक सेना का मकसद सरकार के खिलाफ आलोचना करने वाले नागरिकों को साइकोलॉजिकली तोड़ना है। उन्हें किसी भी तरह से चुप रहने को मजबूर करना है। उनका सीधा संदेश है कि सरकार के खिलाफ बोलने वालों को देश निकाला भी किया जा सकता है।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि जब से मुनीर ने पाकिस्तानी आर्मी की कमान संभाली है, ट्रांसनेशनल दमन तेज हो गया है, जो कानूनी परेशानी से बढ़कर पश्चिमी देशों में हिंसा के कोऑर्डिनेटेड कामों में बदल गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है- सबसे नया और साफ सबूत यूनाइटेड किंगडम में है। यूके में रहने वाले पाकिस्तानी बागियों पर खतरनाक हमले हुए। जिन लोगों पर हमले हुए, उनमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खास सपोर्टर भी शामिल रहे।
रिपोर्ट में कहा गया कि हमले हिंसक थे और लगातार हुए। पाक नागरिकों के साथ मारपीट हुई, बंदूक से भी हमला हुआ। यहां तक कि उन्हें आग लगाने की भी कोशिश की गई। पाकिस्तान के बागियों को चुप कराने के लिए बार-बार उनके प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया।
एक पीड़ित मिर्जा शहजाद अकबर पर हमला हुआ। पहले हमलावर ने उनसे उनकी पहचान के बारे में पूछा और फिर उनके परिवार के सामने उन्हें बार-बार घूंसे मारे। मिर्जा ह्यूमन-राइट्स वकील और खान के समय के पूर्व कैबिनेट मेंबर थे।
Published on:
22 Feb 2026 09:08 pm
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