विदेश

हिमालय की चोटी में भारतीय सेना और अमेरिकी आर्मी के जवानों ने मचाया धमाल, गिटार बजाकर बांधा समां

उत्तराखंड के औली में हाल ही में आयोजित युद्धभ्यास के दौरान भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बैंड ने हिमालय की गोद में रॉक कॉन्सर्ट का आयोजन किया। इस दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने अपने मधुर गिटार वादन से सब का मन मोहा। अमेरिकी सेना ने इसकी एक वीडियो शेयर की है।

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Dec 04, 2022
Soldiers of Indian, US Armies play musical tunes during Yudh Abhyas 2022 in Uttarakhand's Auli

LAC से 100 किलोमीटर दूर उत्तराखंड के औली में भारत-अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्धाभ्यास के 18वें संस्करण का अयोजन किया था। इस दौरान भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के बैंड ने हिमालय की गोद में रॉक कॉन्सर्ट भी किया। इस रॉक कॉन्सर्ट की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। करीब साढ़े नौ हजार फुट की ऊंचाई पर हो रहे इस युद्धाभ्यास को लेकर एक तरफ चीन जहां आपत्ति जताता रहा। वहीं युद्धाभ्यास के बाद भारतीय और अमेरिकी सेना अपने मनोरंजन के लिए रॉक कॉन्सर्ट कर अपना मन बहालती नजर आ रही है।

सेनाओं ने युद्धाभ्यास में किया रॉक कॉन्सर्ट
अमेरिकी सेना की 11वीं एयरबोर्न डिवीजन ने इस रॉक कॉन्सर्ट का एक वीडियो शेयर किया है। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने लीड गिटारिस्ट की भूमिका निभाई थी। इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी अधिकारियों ने अपने मधुर गिटार वादन से सब का मन मोहा।

पहली बार हाई एल्टीट्यूड पर हुआ सैन्य अभ्यास
बता दें, भारतीय सेना ने विदेशी मित्र सेनाओं को सबसे ऊंचाई वाली जगह पर जंग लड़ने का प्रशिक्षण देने के लिए चीन सीम से मात्र 100 किलोमीटर दूर 9500 फीट की ऊंचाई पर उत्तराखंड के औली में फॉरेन ट्रेनिंग नोट (FTA) बनाया है। इसकी शुरुआत 15 नवंबर को भारत और अमेरिकी सैनिकों के युद्धाभ्यास से शुरू हुई है। यानी की हाई एल्टीट्यूड वाले इलाके में पहली बार इस तरह का सैन्य अभ्यास किया गया।

हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी युद्ध करने में कुशल है भारतीय सेना
इस युद्धाभ्यास के बाद दुनिया को मालूम हो जाएगा कि भारतीय सेना हाई एल्टीट्यूट यानी बर्फीली पहाड़ियों और हाड़ कंपा देने वाली कड़ाके की ठंड में होने वाली जंग में भी कितनी कुशल है। ऐसे हाई एल्टीट्यूड में चलने भर से ही सांसें फूलने लगती हैं। वहीं दूसरी तरफ इस युद्धाभ्यास से अमेरिकी सैनिकों ने ऊंचाई वाले क्षेत्र में जंग लड़ने का प्रशिक्षण लेने में आर्कटिक युद्ध पर ध्यान केंद्रित किया। वहीं अभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं ने किसी भी आपदा के समय हताहतों को निकालने के लिए एचएडीआर प्रशिक्षण और कौशल का आदान-प्रदान किया।

हर साल आयोजित किया जाता है भारत-अमेरिका के बीच युद्धाभ्यास
युद्धाभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने उग्रवादियों से नागरिकों को छुड़ाकर उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाया, दुश्मन को जंगल में ट्रैप में फंसाकर घेरा, साथ ही जरूरत पड़ने पर अनआर्म्ड कॉम्बेट (गुत्थम गुत्था की लड़ाई) में दुश्मन को चित किया। यह युद्धाभ्यास सर्वोतम प्रथाओं, रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच हर साल आयोजित किया जाता है।

चीन ने किया भारत-अमेरिका के जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइस का विरोध
इस साल यह युद्धाभ्यास उत्तराखंड में नियंत्रण रेखा के करीब किया गया। इस कारण भारत-अमेरिका के युद्ध अभ्यास पर चीन ने 30 नवंबर को कहा था कि वह वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत-अमेरिका के जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइस का विरोध करता है और यह नई दिल्ली और बीजिंग के बीच हस्ताक्षरित दो सीमा समझौतों की भावना का उल्लंघन है। इसके जवाब में भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

भारत ने चीन को दिया जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत किसके साथ मिलिट्री एक्सरसाइज करेगा, यह उसका अपना मामला है। चीन अपने समझौते का खुद उल्लंघन करता है। बागची ने कहा कि हमारा अमेरिका के साथ संबंध है, जिसको लेकर कोई वीटो नहीं कर सकता।

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Published on:
04 Dec 2022 05:24 pm
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