कुछ रिपोर्ट्स में पहले यह भी कहा गया था कि ईरान हर जहाज से करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) तक का शुल्क मांग सकता है। हालांकि इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पहले ईरान ने ऐसे दावों को खारिज भी किया था। लेकिन शुल्क की रकम एक जैसी नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करती है कि जहाज किस तरह का है, उसमें कितना सामान है और उससे जुड़ा जोखिम कितना है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नियम ईरान तय करेगा,कितना शुल्क लगेगा और किससे लिया जाएगा।