
Mufti Tariq Masood
Tariq Masood: देश के इस्लामी विद्वान तारिक मसूद (Tariq Masood) अपने ही दिए गए बयानों के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। उन पर ईश निंदा (Blasphemy) का आरोप लगा है। जब उनके लिए ईशनिंदा की सजा की मांग होने लगी तो उन्होंने माफी मांग ली, लेकिन वे अपने ही उस बयान में फंस गए कि ईश निंदा करने वाले व्यक्ति को माफ नहीं करना चाहिए, भले ही उसने माफी मांग ली हो। इधर माफी मांगने के बावजूद लोग उन्हें माफ करने को राजी नहीं हैं। ऐसे में तारिक मसूद अपने घर से फरार हो गए हैं। आरोप है कि उन्होंने कुरान और पैगंबर के बारे में गलतबयानी (controversy)की थी।
गौर करने वाली बात है कि ये पाकिस्तान के वही मौलाना मसूद हैं जो पैगंबर मोहम्मद और कुरान के अपमान करने वालों को तत्काल जान से मार दिए जाने की बात करते थे। हालांकि, जब अपनी जान पर बनी तो अब माफी की बात कर रहे हैं। मौलाना तारिक मसूद का वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान में उनका विरोध शुरू हो गया है। इससे पहले उन्होंने कहा था, 'अगर किसी ने माफ़ी मांगी भी है, तो हम यह नहीं कह सकते कि यह दिल से है या सिर्फ दिखावे के तौर पर है, इसलिए उसे ईश निंदा कानून के अनुसार सज़ा मिलनी चाहिए।'
फरार होने के दौरान मौलाना माफी मांगते हुए वीडियो क्लिप जारी कर रहे हैं और सभी से उनके शब्दों को संदर्भ के अनुसार समझने की अपील कर रहे हैं। मौलाना ने कहा था, मुफ्ती तारिक मसूद ने गुस्ताखी के लिए सभी मुसलमानों से माफी मांगी, मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। ध्यान रहे कि मौलाना मुफ्ती तारिक मसूद देवबंदी विचारधारा से जुड़े एक पाकिस्तानी धार्मिक विद्वान हैं। तारिक मसूद तब्लीगी जमात से भी जुड़े हुए हैं।
मौलाना मुफ्ती तारिक मसूद एक पाकिस्तानी धार्मिक विद्वान हैं, जो इस्लाम की देवबंदी विचारधारा से जुड़े हैं।
वे तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। उन्हें अक्सर पाकिस्तानी टेलीविजन चैनलों पर एक विद्वान विशेषज्ञ अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है और वे सोशल मीडिया पर भी बहुत लोकप्रिय हैं। तारिक़ मसूद (Mufti Tariq Masood) का पाकिस्तान के सरगोधा में 1975 में जन्म हुआ।
Updated on:
27 Sept 2024 12:50 pm
Published on:
26 Sept 2024 10:18 pm
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