थाईलैंड और कंबोडिया के बीच बॉर्डर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में बॉर्डर के पास रहने वाले लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ रहा है।
थाईलैंड (Thailand) और कंबोडिया (Cambodia) के बीच बॉर्डर विवाद (Border Dispute) की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसी के चलते गुरुवार, 24 जुलाई को सुबह दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी की। कंबोडिया के हमले में मरने और घायल होने वालों का आंकड़ा बढ़ गया है। कंबोडिया के हमले में थाईलैंड के 1 सैनिक ने अपनी जान गंवा दी। वहीं 15 नागरिक भी इस हमले में मारे गए हैं। कंबोडिया के हमले में 46 लोग भी घायल हो गए, जिनमें 15 सैनिक घायल हो गए। थाईलैंड ने कंबोडिया को जवाब देने के लिए F-16 फाइटर जेट्स से कंबोडिया के दो सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक्स करते हुए दोनों सैन्य ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचाया। दोनों देशों के सैनिकों के बीच आज, शुक्रवार, 25 जुलाई को भी गोलीबारी का सिलसिला जारी रहा। थाईलैंड की सेना का कहना है कि उसने कंबोडिया की सेना से बातचीत के ज़रिए तनाव कम करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो सुबह एक बार फिर भारी गोलीबारी शुरू हो गई।
थाईलैंड की इंटीरियर मिनिस्ट्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कंबोडिया के हमलों के बाद बॉर्डर के पास के इलाकों से अब तक 1 लाख से ज़्यादा लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं। इन लोगों के लिए 300 से ज़्यादा शेल्टर्स की व्यवस्था की गई है।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच अब हालात काफी बिगड़ चुके हैं और युद्ध होने की संभावना बन गई है। ऐसे में मन में सवाल आना स्वाभाविक है कि दोनों में से किस देश के पास ज़्यादा सैन्य ताकत है? जवाब है थाईलैंड।
थाईलैंड का इस वित्तीय वर्ष के लिए डिफेंस बजट 5.5 बिलियन डॉलर्स है। वहीं कंबोडिया का इस वित्तीय वर्ष के लिए डिफेंस बजट करीब 739 मिलियन डॉलर्स है। 2025 के डेटा के अनुसार थाईलैंड के पास करीब 3.6 लाख एक्टिव सैनिक हैं। वहीं कंबोडिया के पास करीब 124,000 से 170,000 एक्टिव सैनिक हैं। थाईलैंड की सेना दुनिया की 25वीं सबसे शक्तिशाली सेना है, तो वहीं कंबोडिया की सेना दुनिया की 95वीं सबसे शक्तिशाली सेना है। ऐसे में अगर युद्ध हुआ, तो थाईलैंड का पलड़ा भारी रहेगा।