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एपस्टीन विवाद के बीच ट्रंप का ओबामा पर वार, लगाया देश से विश्वासघात का आरोप

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में बिना किसी सबूत के ट्रंप पर रूस के साथ जूड़े होने का आरोप लगाया था।

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भारत

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Himadri Joshi

Jul 23, 2025

Trump attacks Obama amid Epstein controversy

Trump attacks Obama amid Epstein controversy ( photo - patrika network )

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर देश से विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। यह आरोप ट्रंप ने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर लगाए है। ट्रंप का कहना है कि ओबामा ने बिना किसी सबूत के उन पर रूस के साथ जूड़े होने का आरोप लगाते हुए उनके चुनावी अभियान को कमजोर करने की कोशिश की थी। ट्रंप के इन बयानों के बाद अब इस मामले ओबामा के प्रवक्ता की प्रतिक्रिया सामने आई है। पूर्व राष्ट्रपति के प्रवक्ता पैट्रिक रोडनबश ने ट्रंप के आरोपों को बेतुका और ध्यान भटकाने की एक कमजोर कोशिश बताया है।

ओबामा को हो सख्त सजा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिवंगत अमेरिकी फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामले पर सवाल किए जाने पर ट्रंप ने ओबामा को टारगेट करना शुरु कर दिया। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, ओबामा ने चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश की और पकड़े गए। इसके लिए सख्त सजा होनी चाहिए। यह देश से विश्वासघात था।

ओबामा गिरोह का मुखिया

ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति को गिरोह का मुखिया बताते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स ने 2016 से लेकर 2020 तक चुनावों में कथित तौर पर हेराफेरी की थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस पार्टी में जो बाइडेन और हिलेरी क्लिंटन भी शामिल हैं। ट्रंप के इस बयान पर अभी तक डेमोक्रेट्स पार्टी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन अब ओबामा के प्रवक्ता रोडनबश की ने इन बयानों को बेतुका बताते हुए इस पर प्रतिक्रिया दी है।

इन दावों पर प्रतिक्रिया देना जरूरी

प्रवक्ता रोडनबश ने कहा, राष्ट्रपति पद के सम्मान में, हमारा कार्यालय आमतौर पर व्हाइट हाउस से निरंतर आने वाले झूठ और गलत जानकारी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता, लेकिन यह दावे इतने अपमानजनक हैं कि इन पर प्रतिक्रिया देना जरूरी है। यह अजीबो-गरीब आरोप पूरी तरह से बेतुके हैं और यह ध्यान भटकाने की एक कमजोर कोशिश है।

क्या है एपस्टीन विवाद

अमेरिकी राजनीतिक और व्यावसायिक दिग्गजों से व्यापक संबंध रखने वाले जेफरी एपस्टीन को यौन अपराधों के चलते गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद अगस्त 2019 में जेल में ही उनकी मौत हो गई थी। इस मामले को आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया था। 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के ट्रंप ने वादा किया था कि अगर वह फिर से चुन कर सत्ता में आते है, तो जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक कर देंगे। हालांकि, इसी महीने की शुरुआत में अमेरिकी न्याय विभाग और एफबीआई ने एक संयुक्त ज्ञापन जारी करते हुए बताया कि कोई भी आपत्तिजनक क्लाइंट लिस्ट मौजूद नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि आगे कोई भी खुलासा उचित या वारंटेड नहीं होगा।