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‘अगर अमेरिका मदद नहीं करता तो यूक्रेनी सेना को हटना पड़ेगा पीछे’ – वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच 2 साल से ज़्यादा समय से चल रहा युद्ध अभी भी जारी है। पर क्या अब यूक्रेनी सेना को पीछे हटना पड़ेगा? यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की ने अचानक से इस बारे में एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है।

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Volodymyr Zelenskyy and Joe Biden (From left to right)

रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच 24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ युद्ध 2 साल से भी ज़्यादा समय से जारी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) यूक्रेन पर कब्ज़ा करना चाहते थे और इसी वजह से रूस की सेना ने उनके आदेश पर यूक्रेन पर हमला कर दिया था। रूस ने यूक्रेन में काफी तबाही मचाई है और जान-माल का नुकसान भी किया है, पर फिर भी यूक्रेन पर अब तक रूस का कब्ज़ा नहीं हुआ है। इसकी वजह है यूक्रेन को लगातार मिल रहा इंटरनेशनल सपोर्ट। इंटरनेशनल सपोर्ट की बदौलत यूक्रेन की सेना डटकर रूस की सेना का सामना कर रही है और कई जगहों से रूस की सेना को खदेड़ भी चुकी है। पर हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है।


अगर अमेरिका मदद नहीं करता तो यूक्रेनी सेना को पीछे हटना पड़ेगा

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने हाल ही में युद्ध से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। ज़ेलेन्स्की ने कहा है कि बिना अमेरिकी मदद के यूक्रेन की सेना को स्टेप-बाय-स्टेप पीछे हटना होगा। ज़ेलेन्स्की ने यह भी कहा कि वह पीछे न हटने के रास्ते ढूंढ रहे हैं।


क्या है ज़ेलेन्स्की के बयान की वजह?

रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन की कुछ देशों ने काफी मदद की है जिनमें सबसे आगे अमेरिका (United States Of America) रहा है। पर पिछले कुछ महीनों से अमेरिका की तरफ से यूक्रेन को दी जाने वाली एक्स्ट्रा मदद का बिल पास नहीं हो पाया। रिपब्लिक पार्टी के सांसदों ने इसे रोक दिया था। हालांकि कुछ समय पहले अमेरिका ने एक बार फिर यूक्रेन की मदद के लिए 2,485 करोड़ की सैन्य सहायता को मंज़ूरी दी थी। पर अभी तक यूक्रेन को यह मदद नहीं मिली है। दरअसल रिपब्लिक पार्टी के सांसद नहीं चाहते कि अमेरिका यूक्रेन की मदद करें।

हालांकि फ्रांस (France), जर्मनी (Germany), यूके (UK) और अन्य कुछ देशों ने यूक्रेन की मदद का वादा किया है, पर ज़ेलेन्स्की का मानना है कि बिना अमेरिकी मदद के यूक्रेनी सेना के पास एयर डिफेंस, पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैमर्स और दूसरे ज़रूरी हथियार नहीं होंगे और उनकी सेना के पास पीछे हटने के अलावा दूसरा ऑप्शन नहीं होगा।


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