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बाइडन को छोड़ कर ट्रंप से क्यूं मिले यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की, क्या है वजह ?

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ( Zelenskyy) ने बाइडन के बजाय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने को इसलिए भी प्राथमिकता दी कि वे रिश्ते सुधारना चाहते हैं। आइए समझें इसके राजनीतिक, राजनयिक और रणनीतिक मायने। अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि संभव है कि ज़ेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात […]

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Trump and zelenskyy Meeting

Trump and zelenskyy Meeting

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ( Zelenskyy) ने बाइडन के बजाय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने को इसलिए भी प्राथमिकता दी कि वे रिश्ते सुधारना चाहते हैं। आइए समझें इसके राजनीतिक, राजनयिक और रणनीतिक मायने। अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि संभव है कि ज़ेलेंस्की ने ट्रंप से मुलाकात करने को इसलिए महत्व दिया,क्यों कि यह सोच रहे हों कि कल को ट्रंप प्रेसीडेंट बन गए तो आने वाला समय ट्रंप का हो सकता है। ऐसे में उनके साथ पहले से ही रिश्तों की पाल बांध ली जाए। क्यों कि डोनाल्ड ट्रंप (( Donald Trump)) के जीतने पर यूएस की सैन्य सहायता पर खतरा मंडरा सकता है। उनकी नजर में इस मुलाकात का एक पहलू यह भी है कि ट्रंप अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान यह सवाल उठाते हुए ज़ेलेंस्की की आलोचना कर चुके हैं कि क्या वह रूस-यूक्रेन युद्ध (russia Ukraine war news) समाप्त कर सकते हैं। तब ज़ेलेंस्की ने सोचा कि रिश्तों को मधुर करने का यह उचित समय है।

बैठक के संदर्भ और समय के कारण डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की

अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने मुख्य रूप से बैठक (Zelenskyy Meeting) के संदर्भ और समय के कारण राष्ट्रपति जो बाइडन ( Joe Biden) के बजाय पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। ज़ेलेंस्की के प्रशासन ने विभिन्न अमेरिकी नेताओं के साथ संबंध बनाए रखे हैं, और बैठकें राजनयिक कार्यक्रम, विशिष्ट एजेंडा और रणनीतिक हितों जैसे कारकों से प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा ज़ेलेंस्की की ट्रंप के साथ पिछली बातचीत, विशेष रूप से 2019 में उनके फोन कॉल से संबंधित महाभियोग की कार्रवाई के दौरान, एक जटिल रिश्ते पर प्रकाश डाला गया जो लगातार विकसित हो रहा है।उनका मानना है कि अंततः, किससे मिलना है, इसका चुनाव एक नेता से दूसरे नेता की स्पष्ट प्राथमिकता के बजाय कई राजनीतिक, कूटनीतिक और स्थितिजन्य विचारों पर निर्भर हो सकता है।

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