
Golden Visa: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव हो चुके हैं और डोनाल्ड ट्रंप के जीतने के बाद अमेरिका में कई अजीबो-गरीब बाकये हो रहे हैं। अब अमेरिका के नागरिक गोल्डन वीजा के पीछे पड़े हुए हैं। वे इस वीज़ा के जरिए यूरोपीय देशों में रहने जाना चाहते हैं। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि अमेरिका में गोल्डन वीज़ा की पूछताछ का ये उछाल डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की जीत के बाद ही आया है। जो एक दो प्रतिशत नहीं बल्कि 400 प्रतिशत है।
CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के कई लोग अब अमेरिका छोड़कर यूरोपीय देशों में बसने के बारे में सोच रहे हैं शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी तादाद में गोल्डन वीज़ा के बारे में जानकारी ली है। निवेश के जरिए नागरिकता देने वाली अग्रणी कंपनी हेनले एंड पार्टनर्स ने अमेरिका में चुनावी हफ्ते में ही अमेरिकी नागरिकों की पूछताछ में 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।
खास बात ये है कि जो लोग गोल्डन वीज़ा चाहते हैं उनमें से सबसे ज्यादा लोग यूरोपीय देशों में जाना चाहते हैं। पुर्तगाल का गोल्डन रेजिडेंस परमिट प्रोग्राम अपनी किफ़ायती कीमत और यूरोपीय संघ की नागरिकता आसानी से दिलाने के लिए जाना जाता है। इसके मुताबिक यहां रहने की इच्छा रखने वाले किसी शख्स कम से कम 250,000 यूरो का निवेश करना होगा इसके साथ ही वो आवेदक इन देशों में रहने की गारंटी पा सकते हैं इतना ही नहीं 5 साल बाद नागरिकता के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक वैसे तो इस गोल्डन वीज़ा का चलन अमीर अमेरिकियों ने ही चलाया है लेकिन इसका कारण कभी ज्यादा आरामदायक जिंदगीस भोग-विलासिता नहीं बल्कि सुरक्षा रहा है। और अब जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिक में चुनाव जीत लिया है तो लोगों को अपनी असुरक्षा सता रही है और लोग बाहर के देशों में रहने के लिए गोल्डन वीज़ा के लिए पूछताछ कर रहे हैं। रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि जो लोग अमेरिका से जाना चाहते हैं उनमें महिलाएं, अश्वेत और LGBTQ+ कम्यूनिटी के लोग भी शामिल हैं।
Updated on:
21 Nov 2024 12:24 pm
Published on:
21 Nov 2024 12:24 pm
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