
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (ANI)
US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के हालिया बयान को सीधे खारिज कर दिया है। वेंस ने स्पष्ट किया कि इस सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है, जबकि शहबाज शरीफ ने अपने सार्वजनिक बयान में दावा किया था कि यह सीजफायर हर जगह लागू होगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
मंगलवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की कि पाकिस्तान की मध्यस्थता सफल रही है और सीजफायर लेबनान समेत अन्य जगहों पर भी लागू होगा। उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया और कहा कि आगामी 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में सभी पहलुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शहबाज शरीफ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'मैं खुशी के साथ घोषणा करता हूं कि ईरान और अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ हर जगह तत्काल सीजफायर पर सहमत हो गए हैं, जिसमें लेबनान और अन्य क्षेत्र भी शामिल हैं। इस पोस्ट में उन्होंने जेडी वेंस को टैग किया था। इसके बाद ईरानी विदेश मंत्री और ईरानी संसद के स्पीकर ने भी इसे शेयर किया और लेबनान को सीजफायर का हिस्सा बताया।
बुधवार को हंगरी के बुडापेस्ट में मीडिया से बात करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने शहबाज शरीफ के बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया। वेंस ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह एक वैध गलतफहमी (legitimate misunderstanding) की वजह से हुआ। ईरानियों ने सोचा कि लेबनान सीजफायर में शामिल है, लेकिन ऐसा कभी तय नहीं हुआ। हमने कभी इसका वादा नहीं किया।'
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सीजफायर मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के सहयोगी देशों इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर केंद्रित है। वेंस ने बताया कि इजरायली नेतृत्व ने लेबनान में कुछ संयम बरतने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन यह सीजफायर का हिस्सा नहीं, बल्कि बातचीत को सफल बनाने के लिए एक रणनीतिक कदम था। साथ ही, वेंस ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत में कई लोग गलत बयानबाजी और प्रोपगैंडा चला रहे हैं, जिससे असल तथ्यों में भ्रम पैदा हो रहा है।
जेडी वेंस के बयान के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहबाज शरीफ का बयान सीजफायर की असली शर्तों से मेल नहीं खाता, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम और तनाव बढ़ा है।
इजरायल सेना लगातार लेबनान में हमले कर रही है, जिसे ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन बताया है। वहीं, अमेरिका और इजरायल इसे अलग मुद्दा मान रहे हैं। इस गलतफहमी के चलते पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ने की संभावना है।
Published on:
09 Apr 2026 10:32 am
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