8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

US Iran Peace Talk: ईरान और अमेरिका में फिर से हो सकती है बातचीत, ईरानी विदेश मंत्री फिर जाएंगे पाकिस्तान

US-Iran War: ईरान-अमेरिका तनाव कम करने की कोशिशें फिर से तेज हो गई है, विदेश मंत्री अब्बास अराघची का पाकिस्तान, ओमान और रूस दौरा चल रहा है। मध्यस्थता के जरिए वार्ता को आगे बढ़ाने की तैयारी हो रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Anurag Animesh

•

Updated: 26 Apr 2026, 7:05 PM IST

US Iran Peace Talk

US Iran Peace Talk(AI Image-ChatGpt)

US Iran Peace Talk In Islamabad: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने की कोशिशें एक बार फिर तेज होती दिख रही हैं। हालात अभी भी पूरी तरह शांत नहीं हैं, लेकिन कूटनीतिक हल निकालने की कोशिशें लगातार जारी हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इन दिनों लगातार अलग-अलग देशों का दौरा कर रहे हैं। अभी अब्बास अराघची ओमान के दौरे पर हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वो जल्द फिर से पाकिस्तान आ सकते हैं। एक दिन पहले ही अराघची अमेरिका से बिना बात किये ओमान चले गए थे।

बातचीत की कोशिशें फिर तेज


पिछले दो हफ्तों में जो घटनाएं हुई हैं, उनसे साफ है कि मामला आसान नहीं है। इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हुई थी, जहां पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। लेकिन उस बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। जंग रोकने पर सहमति नहीं बन पाई। अब ईरान फिर से कोशिश कर रहा है कि दूसरे दौर की बातचीत से पहले अपनी रणनीति को मजबूत किया जाए।

पाकिस्तान से ओमान का सफर

शनिवार को अराघची ने इस्लामाबाद में शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसके बाद वे सीधे ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गए थे। ओमान की भूमिका यहां खास मानी जा रही है, क्योंकि पहले भी वह ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का पुल बन चुका है। मस्कट में अराघची ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। खास तौर पर इस बात पर जोर रहा कि जंग को कैसे रोका जाए।

आगे क्या होगा?


ओमान के बाद अराघची फिर से पाकिस्तान लौटेंगे, जहां उनकी टीम के बाकी सदस्य उनसे जुड़ेंगे। इसके बाद उनका अगला पड़ाव रूस की राजधानी मॉस्को होगा। रूस इस पूरे मामले में एक अहम किरदार है, क्योंकि उसके ईरान के साथ मजबूत रिश्ते हैं और वह क्षेत्रीय राजनीति में भी प्रभावशाली भूमिका निभाता है।

अमेरिका का अलग रुख

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के इस्लामाबाद से बिना बात किये मस्कट जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया था। उन्होंने साफ कर दिया था कि अमेरिका की तरफ से कोई प्रतिनिधि पाकिस्तान नहीं भेजा जाएगा। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल इस बातचीत के तरीके से पूरी तरह सहमत नहीं है या अपनी अलग रणनीति पर काम कर रहा है।