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America Iran War: 7250 मौतों और 200 अरब डॉलर के नुकसान के बाद अमरीका-ईरान समझौते पर राजी

America Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच 108 दिन तक चले युद्ध के बाद शांति समझौते पर सहमति बन गई है। समझौते से वैश्विक बाजारों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ऊर्जा आपूर्ति को राहत मिली है। भारत को भी सस्ते तेल, बेहतर व्यापार और चाबहार पोर्ट परियोजना से लाभ मिलने की उम्मीद है।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 16, 2026

donald trump

America Iran War डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ डील तय होने की बात कही(फोटो-IANS)

America Iran News: पश्चिम एशिया में अमरीका-ईरान के बीच 108 दिन चले युद्ध का अंत हो गया है। आखिर 7250 लाेगों की मौत, हजारों घायल, 200 अरब डॉलर की बरबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति को संकट में डालने के बाद अमरीका और ईरान रविवार रात युद्ध समाप्ति के समझौते (एमओयू) पर सहमत हो गए। अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने तो दावा किया कि रविवार रात एमओयू पर उन्होंने, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस तथा ईरानी संसद के अध्यक्ष बागेर गलिबाफ ने डिजिटल हस्ताक्षर कर दिए। दोनों देश शुक्रवार को जेनेवा में समारोह में एमओयू पर औपचारिक हस्ताक्षर करेंगे। ईरान ने भी सर्वाेच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की हरी झंडी मिलने के बाद एमओयू पर सहमति जताई। सहमति के तहत दोनों पक्ष आगे 60 दिन बातचीत करेंगे और अंतिम समझौता करेंगे।

मार्केट पर दिखा असर


पश्चिम एशिया में शांति पर भारत सहित दुनिया के देशों ने राहत की सांस ली है। समझौते की घोषणा से दुनियाभर में शेयर बाजार चढ़ गए वहीं वैश्विक क्रूड की कीमतें गिरकर प्रति बैरल 83 डॉलर से नीचे चली गई। भारत में सेंसेक्स 736.38 अंक बढ़कर 76264.38 पर बंद हुआ। दोनों पक्षों की सहमति के बावजूद इजरायल को लेकर आशंकाएं बनी हुई हैं क्योंकि वह इस समझौते से सहमत नहीं है और अमरीकी फटकार के बावजूद लेबनान पर हमले जारी रखे हुए है।

अमरीका नरम…'परमाणु' पर झुका ईरान ज्यादा फायदे में

विश्लेषकों के अनुसार समझौते की शर्तों को देखकर लगता है कि अमरीका अपने रुख में नरम पड़ा है। ट्रंप के ईरान के यूरेनियम व परमाणु कार्यक्रम छोड़ने, तेल क्षेत्र पर कब्जे व सत्ता में बदलाव के मकसद पूरे नहीं हुए। युद्ध के दौरान के सैन्य और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान के बावजूद आगे ईरान को ज्यादा फायदा होगा। उसे सालों से चल रहे तेल बेचने के व्यापार प्रतिबंधों से मुक्ति मिलेगी वहीं उसकी जब्त संपत्तियां भी रिलीज हो सकेंगी। पुनर्निमाण के नाम पर उसे युद्ध से नुकसान का सीमित मुआवजा भी मिलेगा। ईरान ने परमाणु बम बनाने की जिद पर झुकते हुए गैर-रक्षा परमाणु उपयोग पर सहमति जरूर जता दी है।

पेंच अभी बाकी है


होर्मुज स्ट्रेट: अमरीका के अनुसार 19 जून को समझौता होते ही होर्मुज सभी के लिए टाेलमुक्त होकर खुल जाएगा। अमरीकी नाकेबंदी भी हटेगी। ईरान कहता है, होर्मुज 30 दिन में ‘ईरान की व्यवस्था’ के तहत खुलेगा।
फ्रोजन फंड: ईरान के अनुसार अमरीका 24 बिलियन डॉलर के फ्रीज ईरानी फंड जारी करेगा। अमरीका कहता है ईरान के वादा निभाने पर ही फंड रिलीज। अभी कोई फंड जारी नहीं
लेबनान संघर्ष: समझौते में सभी मोर्चों पर स्थायी तौर पर तत्काल युद्ध रोकने पर सहमति का दावा है,लेकिन इजरायल लेबनान में हमले जारी रखे है।

शांति समझौते से भारत को कई लाभ

  • क्रूड सस्ता होने से तेल की कीमतें व महंगाई कम होगी, रुपया मजबूज होने से फायदा।
  • तेल व गैस की आपूर्ति सामान्य होने से आम आदमी व उद्योगों को लाभ
  • होर्मुज खुलने से खाड़ी देशों को निर्यात तेज होगा।
  • ईरान से प्रतिबंध हटने से भारत को तेल-गैस खरीद का नया विकल्प
  • ईरान में चाबहार पोर्ट परियोजना फिर शुरू होने से लाभ