
US-Israel-Iran War: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग का आज दसवां दिन है। इन दस दिनों में तीनों देशों ने एक दूसरे पर जमकर हमले किए और भारी तबाही मचाई। इसके चलते हजारों लोगों की जान गई और मिडिल ईस्ट (Middle East) में भारी तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लेकिन इस सब के बावजूद यह जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। इसी बीच अब खबर सामने आई है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर (Supreme Leader) बन गए है। जबकि ट्रंप (Trump) पहले ही साफ कर चुके है कि ईरान उनसे बातचीत के बिना नया सुप्रील लीडर नहीं चुने। ऐसे में अब ट्रंप की क्या प्रतिक्रिया होगी उसे लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि देश का भविष्य और नेतृत्व एपस्टीन गैंग नहीं बल्कि देश की जनता और उनकी संस्थाएं तय करेगी।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ (Mohammad Baqer Ghalibaf) ने ट्रंप के बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान का भाग्य केवल ईरानी जनता तय करेगी, किसी विदेशी ताकत का इसमें कोई अधिकार नहीं है। उनके अनुसार ईरान की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सम्मान सर्वोपरि है और देश के राजनीतिक फैसलों में बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। गालिबाफ ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान के भविष्य को लेकर किसी भी तरह की बाहरी टिप्पणी केवल राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे बयान ईरानी जनता की राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में कई बार कहा है कि वह चाहते हैं कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन उस तरह हो जैसा उन्होंने वेनेजुएला में देखा था। उनके अनुसार नए नेता को अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ बेहतर संबंध रखने चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा। हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था वेनेजुएला से काफी अलग है। राजनीति विशेषज्ञ के अनुसार ट्रंप की यह सोच वास्तविकता से दूर है। उनके अनुसार ईरान की सत्ता संरचना में शामिल सभी संभावित नेता इस्लामिक रिपब्लिक की व्यवस्था के प्रति वफादार हैं।
ईरान यह साफ कर चुका है कि उसके सर्वोच्च नेता का चयन तय प्रक्रिया के हिसाब से होगा और उसमें किसी बाहरी ताकत की कोई दखल नहीं होगी। बता दें कि ईरान में सर्वोच्च नेता का चयन 88 सदस्यों की एक परिषद करती है जिसे असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स कहा जाता है। यह परिषद देश की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था के तहत चुनी जाती है और वही नए सुप्रीम लीडर का फैसला करती है। इस परिषद ने खामेनेई के बेटे मुजतबा को नया सुप्रीम लीडर चुना है। ईरानी सरकारी टीवी ने सोमवार सुबह मुजतबा के नाम की घोषणा की है। वहीं इजरायल पहले ही यह एलान कर चुका है कि वह खामेनेई की तरह ही उनके उत्तराधिकारी को भी खत्म कर देगा।
Updated on:
09 Mar 2026 01:40 pm
Published on:
09 Mar 2026 01:08 pm
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