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TMC उम्मीदवार सहीना मुमताज पर बम से हमला, बाल-बाल बचीं; हुमायूं कबीर की खुली चेतावनी-‘पत्थर मारोगे तो मिठाई नहीं मिलेगी’

TMC Candidate Attacked: पश्चिम बंगाल के नौदा में मतदान से पहले टीएमसी उम्मीदवार सहीना मुमताज पर बम से जानलेवा हमला हुआ है, जिसमें वह बाल-बाल बच गईं।

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भारत

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MI Zahir

Apr 23, 2026

Humayun Kabir

हुमायूं कबीर। ( फोटो: ANI)

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में चुनाव और सियासी हिंसा का गहरा ताल्लुक रहा है। ताजा और बेहद सनसनीखेज खबर मुर्शिदाबाद जिले के नौदा से सामने आई है। यहा एक मतदान केंद्र के पास तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार सहीना मुमताज पर बम से जानलेवा हमला किया गया। राहत की बात यह रही कि इस खौफनाक हमले में वह बाल-बाल बच गईं। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में भारी दहशत फैल गई दी है। इसी बीच घटना के संदर्भ में बंगाल चुनाव हिंसा और राजनीतिक टकराव की चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि इस घटना ने पूरे राज्य के सियासी माहौल में उबाल ला दिया है।

हमले की साजिश और बाल-बाल बचीं सहीना मुमताज

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौदा में जब चुनावी सरगर्मियां अपने चरम पर थीं और मतदाता वोट डालने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक सहीना मुमताज के 'काफिले के करीब बम फेंका गया। बम के जोरदार धमाके से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे। सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी के कारण टीएमसी उम्मीदवार सहीना मुमताज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। पुलिस महकमा फौरन हरकत में आ गया है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हमलावरों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है।

हुमायूं कबीर का भड़काऊ बयान: "ईंट का जवाब पत्थर से"

इस घटना के बाद राज्य का सियासी माहौल और भी अधिक तनावपूर्ण हो गया है। इस बमबाजी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ नेता हुमायूं कबीर ने एक बेहद सख्त और भड़काऊ बयान दिया है। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा, "अगर कोई मेरे लोगों पर पत्थर फेंकेगा, तो क्या उन्हें जवाब में मिठाई बांटनी चाहिए? अगर एक पत्थर उछाला जाता है, तो उन्हें जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए।" इसके बाद बंगाल की राजनीति में एक नया तूफ़ान खड़ा हो गया है। यह साफ तौर पर 'ईंट का जवाब पत्थर' वाली रणनीति का खुला ऐलान है।

चुनाव से पहले खूनी खेल का खौफ : पुराना इतिहास

पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों और मतदान से पहले इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है। हर बार चुनाव आते ही बमबाजी, झड़पें और हिंसक घटनाएं सामने आती हैं। सहीना मुमताज पर हुए इस हमले ने एक बार फिर चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। वोटर्स भारी संख्या में मतदान केंद्रों तक जाने की हिम्मत जुटा रहे हैं, लेकिन बमबाजी की इन घटनाओं ने आम जनता के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की प्रक्रिया को बाधित करने की एक साजिश मालूम पड़ती है।

प्रशासन की सख्ती और आगे की राह

पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेस ने तनावपूर्ण इलाकों में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया है। प्रशासन ने साफ तौर पर कह दिया है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। चुनाव आयोग ने भी इस घटना पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन से तत्काल एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। चप्पे-चप्पे पर चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि दुबारा कोई व्यक्ति इस तरह की हिमाकत न कर सके।