
Emmanuel Macron & Elon Musk
फ्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने छोटे बच्चों को इंटरनेट पर आपत्तिजनक और नुकसानदायक सामग्री से बचाने और इन्हें इंटरनेट से हटाने के लिए गुरुवार की शाम एक नई पहल की शुरुआत की। चिल्ड्रन ऑनलाइन प्रोटेक्शन लैबोरेट्री (Children Online Protection Laboratory) ने नाम से शुरू की गई इस पहल के माध्यम से इंटरनेट पर छोटे बच्चों की आपत्तिजनक और नुकसानदायक सामग्री से बचाव के अलावा ऑनलाइन सेक्सुअल प्रिडेटर्स, धमकाने वाले लोगों की पहचान और इससे बच्चों को सुरक्षित रखने का का काम भी किया जाएगा। फ्रांस के राष्ट्रपति ने इसकी जानकारी दी।
कौन-कौन हैं इस पहल में अभी शामिल?
चिल्ड्रन ऑनलाइन प्रोटेक्शन लैबोरेट्री में फ्रांस के साथ इस समय न्यूज़ीलैंड (New Zealand), एस्टोनिया (Estonia), गूगल (Google) और इसकी दूसरी सर्विसेज़ की कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) , फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) और वॉट्सऐप (WhatsApp) की कंपनी मेटा (Meta), ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेज़न (Amazon), वीडियो होस्टिंग वेबसाइट डेलीमोशन (Dailymotion), फोटो शेयरिंग मैसेंजर स्नैपचैट (Snapchat), कंप्यूटर ऑपरेटिंग सिस्टम कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), वीडियो शेयरिंग प्लेफॉर्म टिकटॉक (TikTok) और फ्रांसीसी सर्च इंजन क्वांट (Qwant) शामिल हैं।
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"क्या चिड़िया हमारे बच्चों की रक्षा करेगी?"
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बारे में ट्विटर के नए मालिक एलन मस्क (Elon Musk) से ट्वीट करते हुए पूछा, "क्या चिड़िया हमारे बच्चों की रक्षा करेगी?"
इसका मतलब है कि इस चिल्ड्रन ऑनलाइन प्रोटेक्शन लैबोरेट्री की पहल में क्या ट्विटर भी शामिल होगा?
क्या दिया मस्क ने जवाब?
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के इस सवाल के जवाब में मस्क ने लिखा, "बिलकुल।"
Published on:
11 Nov 2022 03:37 pm
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