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3 साल बाद बीजिंग में हुई भारत और चीन के बीच WMCC की बैठक, LAC पर शांति बहाली पर हुई चर्चा

तीन साल बाद भारत और चीन के बीच परामर्श एवं समन्वय प्रणाली (WMCC) की बैठक हुई, जिसमें LAC में शांति बहाली और द्विपक्षीय संबंध सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।

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WMCC meeting between India and China held in Beijing after 3 years

भारत और चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे तनाव के बीच बुधवार 22 फरवरी यानी आज परामर्श एवं समन्वय प्रणाली (WMCC) की मीटिंग हुई। इससे पहले भारत और चीन के बीच आमने-सामने WMCC की बैठक 14 जुलाई 2019 को हुई थी। इस बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के सीमा एवं समुद्री मामलों के महानिदेशक ने किया। इस बैठक में दोनों देशों के बीच तय हुआ कि जल्द ही 18वीं सीनियर कमांडर्स की बैठक बुलाई जाएगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों देशों के बीच हुई इस मीटिंग में LAC पर मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान भारत और चीन दोनों देशों ने LAC के विवादित क्षेत्र से सैनिकों की वापसी के प्रस्ताव पर चर्चा की। मीटिंग का मुख्य उद्देश्य शांति की बहाली रही, जिसमें दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों में सामान्य स्थिति बनाने को लेकर बात की।


जल्द भारत और चीन के बीच होगी 18वीं सीनियर कमांडर्स की बैठक

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों देश मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल के अनुसार जल्द से जल्द वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के अगले (18वें) दौर को आयोजित करने पर सहमत हुए। इसके साथ ही दोनों पक्ष सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से चर्चा जारी रखने पर भी सहमत हुए।


क्या है WMCC और क्यों अहम है ये बैठक

परामर्श एवं समन्वय प्रणाली (WMCC) की स्थापना बॉडर से जुड़े मामलों पर दोनों देशों के बीच चर्चा हो सके। मई 2020 में LAC पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प हुई, लेकिन कोरोना महामारी के कारण आमने-सामने की बैठक नहीं हो पाई। हालांकि ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया था। इस लिए आज दोनों देशों के बीच WMCC की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।

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