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यमनी सेना ने हूती विद्रोहियों पर किया हमला, वाहनों और हथियारों को भी बनाया निशाना

Houthis-Yemen Army Conflict: यमनी सेना ने आज फिर हूती विद्रोहियों पर हमला किया है। इस दौरान यमनी सेना ने न सिर्फ हूतियों को निशाना बनाया, बल्कि उनके वाहनों और हथियारों को भी टारगेट किया।
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भारत

•

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Tanay Mishra

•

Oct 19, 2026

Yemen army carries out airstrikes

यमनी सेना ने किया हूती विद्रोहियों पर हमला (File Photo)

हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन (Yemen) की सरकारी सेना के बीच जंग बढ़ी ही जा रही है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। आज हूतियों ने यमनी सेना और पुलिस के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया, जिसमें कई सैनिक और पुलिसकर्मी मारे गए। अब यमनी सेना ने हूतियों पर हमला कर दिया है।

कई जगह किया हूतियों पर हमला

यमन की सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने ताइज़ के दक्षिण में अल-अकरौध, अल-शकाब और अल-सरारी में हूतियों के जमावड़ों पर हमला किया। इसके साथ ही सेना ने उनकी सैन्य क्षमता को कमजोर करने के लिए वाहनों और हथियारों को भी निशाना बनाया।

सेना ने सनामत को लिया अपने कंट्रोल में

यमन की सरकार ने आज जानकारी दी कि उसकी सेना ने ताइज़ प्रांत में हूती नियंत्रित इलाके को वापस अपने कंट्रोल में ले लिया है। सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सनामत को वापस अपने कंट्रोल में ले लिया है और ताइज़ शहर के दक्षिण में मिसराख की ओर आगे बढ़ गई है।

यमन में जंग से खाने का संकट हुआ पैदा

यमन में चल रही जंग की वजह से खाने का संकट पैदा हो गया है, जिससे जनता को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम - डब्ल्यूएफपी (World Food Programme - WFP) की रिपोर्ट के अनुसार यमन में तेज़ी से बढ़ रही जंग की वजह से 8 लाख लोगों तक खाद्य सहायता नहीं पहुंच पा रही है। जंग के बदलते मोर्चों, बंद सड़कों और सुरक्षा की बिगड़ती स्थितियों की वजह से कई अहम इलाकों तक खाद्य सहायता का पहुंचना बहुत मुश्किल हो गया है। जंग का सबसे ज़्यादा असर ताइज़ शहर पर पड़ा है। यह ताइज़ प्रांत की राजधानी होने के साथ ही देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर है और जंग से सबसे ज़्यादा प्रभावित शहर है। ताइज़ में जंग, लगातार हो रहे हमलों और सड़कों के बंद होने की आशंका के कारण हज़ारों विस्थापित परिवारों वाले इलाकों तक पहुंचना लगभग नामुमकिन सा हो गया है, जिससे इन परिवारों को काफी परेशानी हो रही है। वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम के अनुसार अकेले ताइज़ में ही 6 लाख से ज़्यादा लोग खाद्य सहायता से वंचित हो गए हैं, जिनमें लगभग 2 लाख महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा यमन के पश्चिमी तट पर भी हाल ही में मदद पहुंचाने में रुकावटें देखने को मिली हैं।