के अनुसार असुरों का राजा महिषासुर स्वर्ग का राजा बन गया व देवता साधारण मनुष्यों
की तरह धरती पर विचरण करने लगे। तब पराजित देवता ब्रह्मा के साथ भगवान शिव व विष्णु
के पास गए। सारी कथा सुनकर भगवान विष्णु व शिव क्रोधित हो गए और उनके शरीर से तेज
उत्पन्न हुआ। शिव के तेज से देवी का मुख, यमराज के तेज से बाल, विष्णु के तेज से
भुजाएं बनीं। इंद्र से कटि प्रदेश व अन्य देवताओं से देवी का शरीर बना। शिव ने
त्रिशूल, हिमालय ने सिंह, विष्णु ने चक्र व इंद्र ने वज्र देकर देवी को सुशोभित
किया।