मंगलवार
से आरम्भ होंगे। इस बार प्रतिपदा तिथि में वृद्धि होने से नवरात्र दस दिन के होंगे।
नवरात्र में बढ़ोतरी से देवी के भक्तों को सुख-समृद्धि, लक्ष्मी, शांति व सौभाग्य
की प्राप्ति होगी। देवी पुराण के अनुसार नवरात्र के दिन देवी का आह्वान, स्थापना व
पूजन प्रात:काल किया जाना चाहिए, लेकिन चित्रा नक्षत्र व वैधृति योग को इस दिन
वर्जित बताया गया हैं। यदि ये दोनों सम्पूर्ण दिन हों तो घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त
में ही करना फलदायी रहता है।