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युगांडा: भारी बारिश और बाढ़ में कम से कम 34 की मौत, भूस्खलन में तबाह हो गए कई गांव

लैंड स्लाइड में दर्जन भर गावों में व्यापक तबाही हुई है

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Uganda rain

युगांडा: भारी बारिश और बाढ़ में कम से कम 34 की मौत, भूस्खलन में तबाह हो गए कई गांव

कंपाला। युगांडा में भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के चलते कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई है। देश की रेड क्रॉस सोसाइटी ने बताया है कि बारिश की वजह से पूर्वी युगांडा में कई गावों को भारी नुकसान हुआ है। लैंड स्लाइड में दर्जन भर गावों में व्यापक तबाही हुई है। बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। बहुत से लोग अब भी लापता हैं। केन्या की सीमा से लगते हुए बुडुडा जिले के छह गांव बाढ़ से बुरी तरह घिरे हुए हैं।

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युगांडा में तबाही

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आपदा में 40 लोगों की मौत हो गई है। बुडुडा जिले के बुकालासी शहर में एक नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़ी तबाही सामने आई है।युगांडा रेड क्रॉस (यूआरसी) के संचार और जनसंपर्क प्रमुख ने बताया कि हालांकि सरकारी आंकड़े मरने वालों की संख्या कम करके आंक रहे हैं लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और हैं। संकट में प्रभावित लोगों के लिए बचाव अभियान चल रहे हैं। सहायता एजेंसियों का कहना है कि वो प्रभावित क्षेत्रों में परिवारों को राहत सामग्री प्रदान करने के कोशिश कर रहे हैं। यूआरसी ने कहा है कि बारसिह और बाढ़ का प्रभाव बहुत विनाशकारी है और लोगों के जीवन और पशुधन पर बुरा असर पड़ा है।

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मदद के लिए भटक रहे लोग

भूस्खलन और बाढ़ ने कई लोगों को विस्थापित कर दिया है। लोगों को आश्रय के लिए अपने रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों के साथ पड़ोसी गांवों में जाना पड़ता है। दावा किया जा रहा है कि अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां तक मदद नहीं पहुंच पाई है।युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मूसवेनी ने भूस्खलन में लोगों की मौत पर अपनी संवेदना व्यक्त की है । उन्होंने ट्वीट किया, "सरकार आपदाओं की और घटनाओं को रोकने के लिए उपलब्ध अन्य विकल्पों को देखेगी।" बता दें कि यूगांडा के पहाड़ी इलाकों में बरसात के मौसम के दौरान बाढ़ और भूस्खलन आम बात हैं। इससे पहले 2010 में माउंट एल्गॉन के कई गांवों के बाढ़ की चपेट में आने के बाद 80 लोगों की मौत हो गई थी।