
काहिरा: मिस्र में विवादास्पद इमाम साबरी अब्दुल रऊफ का विरोध जोरों पर चल रहा है। देश के शीर्ष मीडिया नियामक ने मंगलवार को कहा कि विवादास्पद इमाम साबरी अब्दुल रऊफ टेलीविजन या रेडियो पर बयान देने और कोई भी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेने के निर्देश जारी किया है। अल अजहर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रऊफ पर विवादित बयान देने का आरोप है। दरअसल समाचार चैनल अल अरबिया ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि रऊफ ने कहा है कि मुस्लिम अपनी पत्नी के शव के साथ सेक्स कर सकते हैं। रऊफ काहिरा की प्रतिष्ठित अल अजहर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
अपमान करने वाला है बयान
अल अरबिया के मुताबिक, सुप्रीम काउंसिल फार मीडिया रेगुलेशन के निदेशक मकराम मोहम्मद अहमद ने कहा है कि रऊफ का फतवा इस्लाम और मृत लोगों की पवित्रता का अपमान करता है। वह किसी भी टीवी कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते न ही किसी रेडियो शो की मेजबानी कर सकते।
काउंसिल ने लगाई रोक
काउंसिल ने किसी भी टीवी कार्यक्रम में इस तरह के विषयों को उठाने पर भी रोक लगा दी है और अल अजहर यूनिवर्सिटी से रऊफ की जांच करने को कहा है।रऊफ की बात का पूरे मिस्र में जोरदार विरोध हो रहा है और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
रऊफ ने फतवा देने से किया इनकार
हालांकि खुद रऊफ ने ऐसा कोई फतवा देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि निजी टीवी चैनल एलटीसी के साथ साक्षात्कार में उनके द्वारा कही गई बात को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
कहा जा रहा है कि साक्षात्कार में रऊफ ने कहा कि इस्लाम किसी पुरुष और मृत महिला के बीच सेक्स को 'पाप' नहीं मानता अगर महिला उस पुरुष की पत्नी हो। उन्होंने यह भी कहा था कि शव से सेक्स ऐसी चीज है जिसे समाज स्वीकार नहीं कर सकता या जिसे कोई तार्किक आदमी कभी करे।
Published on:
20 Sept 2017 06:54 am
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