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ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने शिक्षा में बदलाव पर दिया जोर

इस शिखर सम्‍मेलन में ब्रिक्‍स से जुड़े पांचों देश समावेशी विकास, स्‍वास्‍थ और सतता विकास, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा समेत कई वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

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नई दिल्ली: दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में गुरुवार को ब्रिक्स सम्मलेन का आगाज किया गया है। पांच राष्‍ट्राें के राष्ट्राध्यक्षों की औपचारिक मुलाकात के साथ 10वें शिखर सम्मेलन का शुभारंभ हो गया। ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के बदलाव पर जोर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए सबसे पहले हमें अपने स्कूलों और विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव करने की जरूरत है। टेक्नोलॉजी को पाठ्यक्रम में शामिल करना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद के मुद्देे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद आज वैश्विक समस्या बन चुकी है। चरमपंथी सबसे बड़े खतरों के रूप में आज हमारे सामने है। इसे रोकने के लिए सभी देशों को आगे आना होगा। प्रधानमंत्री ने अपने देश के बाहर काम कर रहे करीब 215 मिलियन कार्यबल के लाभ के लिए वैश्विक पोर्टेबल सामाजिक सुरक्षा ढांचे के लिए ब्रिक्स सहयोग की मांग की। मोदी ने कहा कि भारत ब्रिक्स के काफी करीब है।

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ब्रिक्स में पांच देश हैं शामिल

ब्रिक्‍स शिखर सम्मेलन में पांच देशों के प्रमुख शामिल हैं। इसमें भारत के प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा मौजूद हैं। बता दें कि ब्रिक्स सम्मेलन का दक्षिण अफ्रीका में दूसरी बार मेजबानी किया जा रहा है। इस शिखर सम्‍मेलन में ब्रिक्‍स से जुड़े पांचों देश समावेशी विकास, स्‍वास्‍थ और सतता विकास, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा समेत कई वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा होगी।

तीन देशों के दौरे पर थे मोदी

तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा के अंतिम पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका की राजधानी जोहान्सबर्ग पहुंचे। यात्रा के दौरान रक्षा, व्‍यापार, संस्‍कृति, कृषि और डेरी क्षेत्र मे समझौते पर हस्‍ताक्षर हो सकते हैं।