सवाईमाधोपुर. बाघ संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति के तत्वावधान में शुक्रवार को रणथम्भौर बाघ परियोजना में लगातार हो रही बाघो की मौत की जांच सीबीआई या केंद्रीय जांच एजेंसी से करवाने व लाचार मोनिटरिंग व ट्रेकिंग सिस्टम में सुधार करवाने को लेकर जिला कलक्टर सुरेश कुमार ओला को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति से जुड़े रूपसिंह मीणा ने बताया कि रणथम्भौर में पिछले वर्षों में दर्जनों बाघ बाघिन व शावक लापता है जिनका आज तक कोई सुराग नही लगा है । न ही वन विभाग इनको लेकर संवेदनशील है । तथा हाल में बाघिन टी.114 व उसके शावक एवं दो दिन पूर्व ही बाघ टी.104 जिसको रणथंभोर से उदयपुर शिफ्ट करते ही मौत हो गई । इन सभी मामलों में कही ना कही वन विभाग की लापरवाही देखने को मिली है । रणथम्भौर में बाघों की मॉनिटरिंग व ट्रेकिंग सिस्टम बिल्कुल लाचार है जो सरकारी जिप्यिां व अन्य वाहन यहां मॉनिटरिंग ग के लिए है उनका पर्यटन या टाइगर सफारी के लिए काम मे लिया जा रहा है । एक ओर तो सरकार करासेड़ो का बजट बाघ संरक्षण के नाम पर रणथंभौर पर खर्च कर रही है ओर दुसरी ओर लगातार रणथंभोर में लगातार बाघो की मौत हो रही तथा बाघ बाघिन गायब हो रहे है ।
रणथंभौर के उच्च अधिकारी संरक्षण पर ध्यान ना देकर सरकारी जिप्सियों का दुरुपयोग कर पर्यटन पर अधिक ध्यान दे रहे है और मोटी कमाई करने में व्यस्त है। समिति के कार्यकर्ताओं ने इन सभी मामलों की जांच उच्च स्तर पर करवाने की मांग की है । इस अवसर पर गिरधारी लाल , रामेश्वर , प्रेमराज, राजेश , हेमराज,अजीत आदि मौजूद थे।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने की मुदकमा दर्ज करने की मांग
इसी क्रम में Óभाजपा जिलाध्यक्ष सुशील दीक्षित ने टाईगर ज्.104 की हत्या के दोषी अधिकारियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। भाजर्पा के जिला अध्यक्ष सुशील दीक्षित ने लापरवाह अधिकारियो पर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है । जिला मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि जो बाघ साढ़े तीन वर्षों से एंक्लोजर में रह रहा था ऐसी क्या विषम परिस्थितियां अचानक आ गई कि उस के बिना स्वास्थ्य परीक्षण के उसको टे्रकुंलाइज किया गया । जिससे उसकी मौत हो गई द्य जिलाध्यक्ष सुशील दीक्षित ने इस घोर लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर वन्यजीव एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है । साथ ही पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की है। उन्होंने बताया कि बिना एक्सपर्ट टीम के बाघ को ट्रेनकुलाइज करना जानबूझकर मौत करना है । जिला अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा की है और स्थानीय प्रशासन के अलावा राज्य सरकार से भी मांग की है कि वन विभाग के जो भी सक्षम अधिकारी इसमें संलिप्त है उनके खिलाफ वन्यजीव एक्ट के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए अन्यथा । भाजपा कार्यकर्ताओ और आम जन के साथ बड़ा आंदोलन करेगी ।
राज्य सभा सांसद ने की भी जांच की मांग
इस मामले में राज्य सभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी ट्वीट करके बाघ टी-104 की मौत पर दुख जताया है और मामले में वन अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।