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कॉलोनी की सफाई से लेकर हर काम के देने पड़ते हैं पैसे

प्रगति नगर बी सेक्टर के रहवासियों ने कहा, वोट देने के लिए आती है हमारी यादगोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 60 प्रगति नगर बी सेक्टर के रहवासी मूलभूत सुविधाओं तक के लिए परेशान हैं। रहवासियों की माने तो नगर निगम को सभी तरह का टैक्स देने के बाद भी उन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि निगम से जब भी साफ-सफाई सहित अन्य काम के लिए कहते हैं, तो पैसों की मांग की जाती है। पार्कों की साफ-सफाई के लिए 500 रुपए की पर्ची कटानी पड़ती है तो सीवेज की सफाई के लिए 2000 रुपए देने पड़ते हैं।  

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बदहाल पड़े हैं पार्क, नहीं मिल रही सुविधाएं
प्रगति नगर बी सेक्टर में चार पार्क हैं, पर चारो बदहाल पड़े हैं। यहां पार्कों के साथ खाली प्लॉटों में लोग घरों का कचरा फेंंक जाते हैं। यहां से उठने वाली बदबू और गंदगी के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल होता है। पार्क में बड़ी-बड़ी घास उगी होने से जहरीले जीव-जंतु, कीड़े मकोड़े के काटने का डर बना रहता है। इससे बच्चों को खेलने की जगह नहीं मिल पा रही है। कॉलोनी की महिलाओं और बुजुर्गों के लिए भी सुबह-शाम टहलने के लिए जगह नहीं है। उन्हें कॉलोनी की सडक़ों पर ही तफरीह करनी पड़ती है। जिससे हादसे का डर बना रहता है।

कॉलोनी में सीवेज सबसे बड़ी समस्या
कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि सीवेज की सबसे ज्यादा समस्या है। आए दिन ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सडक़ पर बहता है। लोगों ने सीवेज लाइन के ऊपर पेड़ पौधे लगा रखे हैं। इन पेड़ों क जड़ों के कारण पाइप लाइन ऊपर नीचे हो गए हैं, जिससे सीवेज की प्रापर निकासी नहीं हो पाती है। इससे सडक़ पर गंदा पानी बहने से लोगों को गंदगी और बदबू से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी की अध्यक्ष का कहना है कि एक बार सीवेज साफ कराने के लिए 2000 देने पड़ते हैं।

हमारी कॉलोनी में सबसे ज्यादा समस्या सीवेज की है। आए दिन सीवेज टैंक ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सडक़ पर बहता है। सोसायटी के कुछ सदस्यों द्वारा समय पर मेंटेनेंस की राशि नहीं दिए जाने से इतना पैसा नहीं होता कि सोसायटी से काम करवा सकें। पार्षद को बोलने के बाद भी साफ-सफाई नहीं हो रही है।
सीमा सैनी, अध्यक्ष, बी सेक्टर वेलफेयर सोसायटी प्रगति नगर

हम लोग जब भी अपनी शिकायत नगर निगम से करते हैं, तो वहां से एक ही जवाब होता है कि यह कॉलोनी प्राइवेट है। आपको कॉलोनी के काम के लिए नगर निगम से पर्ची कटवानी पड़ेगी, जिसके बाद ही आपका काम होगा। ऐसे में जितने काम उतनी अलग-अलग पर्ची कटवानी पड़ रही है।
सरिता गरोठे, प्रगति नगर बी सेक्टर बरखेड़ा पठानी

हमारी कॉलोनी में जनप्रतिनिधि तभी आते हैं, जब चुनाव का टाइम होता है और उन्हें वोट की जरूरत होती है। हम लोग प्राइवेट कॉलोनी में रहने के कारण सरकार और नगर निगम की सुविधाएं लेने के हकदार नहीं हैं, तो फिर नगर निगम को टैक्स देने और नेताओं को वोट देने के लिए कैसे हकदार होंगे।
स्वाति सोनी, रहवासी, बी सेक्टर प्रगति नगर बरखेड़ा पठानी

कॉलोनी की सडक़ें जर्जर हो चुकी हैं। नगर निगम के जिम्मेदारों के साथ क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों तक को अवगत करा चुके हैं। क्षेत्रीय पार्षद भी देखकर जा चुके हैं। यहां की सडक़ों का भूमिपूजन भी किया जा चुका है, इसके बाद भी अब तक सडक़ का निर्माण कार्य नहीं किया जा सका।
मेघा कोटवानी, सदस्य, बी सेक्टर वेलफेयर सोसायटी

कॉलोनी के लोगों ने अपने घरों के सामने मुख्य सडक़ तक फैंसिंग कर अतिक्रमण कर रखा है। मुख्य सडक़ पर बड़े वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे यहां से निकलने की जगह नहीं बचती है। ऐसे में कभी इमरजेंसी होने पर वाहन लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
योगेंद्र सिंह चावड़ा, रहवासी ऋषिपुरम बरखेड़ा पठानी

हमने दो दिन पहले क्षेत्रीय पार्षद को फोन करके कॉलोनी के खाली प्लॉटों और पार्कों की साफ-सफाई कराने को कहा था, लेकिन अब तक इस ओर ध्यान नहीं दिया। पार्कों में बड़ी-बड़ी घास उगी होने और जगह-जगह कचरा फैला होने से सांप बिच्छू जैसे जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है।
विजया बबेले, सचिव बी सेक्टर वेलफेयर सोसायटी प्रगति नगर